राष्ट्रीय साखर महासंघ, नई दिल्ली की ओर से गन्ना पेराई सत्र 2024-25 के लिए उच्च चीनी रिकवरी श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ सहकारी चीनी कारखाने का राष्ट्रीय स्तर का प्रतिष्ठित पुरस्कार श्री छत्रपति शाहू सहकारी चीनी कारखाने को छठी बार घोषित किया गया है। इस सम्मान के साथ ‘शाहू’ के राष्ट्रीय और राज्य स्तर के पुरस्कारों की संख्या बढ़कर 73 हो गई है।

राष्ट्रीय साखर महासंघ के प्रबंध निदेशक प्रकाश नाईकनवरे ने पुरस्कार की घोषणा की। कारखाने के कार्यकारी निदेशक जितेंद्र चव्हाण ने यह जानकारी दी। मंगलवार, 22 सितंबर को नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री और राज्यमंत्रियों के हाथों पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।

‘शाहू’ चीनी कारखाने को अब तक राष्ट्रीय स्तर पर 28 और राज्य स्तर पर 45, यानी कुल 73 पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं। गन्ना पेराई सत्र 2024-25 सभी चीनी कारखानों के लिए बेहद कठिन और चुनौतीपूर्ण रहा। प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद ‘शाहू’ ने योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न स्तरों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इसी प्रदर्शन का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय साखर महासंघ ने ‘शाहू’ को यह सम्मान घोषित किया है।

पुरस्कार की घोषणा होते ही शाहू चीनी कारखाना परिवार, सदस्य किसान, अधिकारी और कर्मचारियों में खुशी का माहौल बन गया।

अध्यक्षा सुहासिनीदेवी घाटगे ने कहा कि कारखाना चलाते समय दिवंगत राजेसाहेब ने जो मार्गदर्शक सिद्धांत निर्धारित किए थे, सदस्य किसानों की ओर से विश्वास और ईमानदारी के साथ मिला सहयोग, प्रबंधन की योजना तथा अधिकारी-कर्मचारियों की मेहनत के समन्वय का यह परिणाम है। उनके बाद भी पुरस्कारों का सिलसिला जारी रहना, राजे समरजितसिंह घाटगे और संचालक मंडल के कुशल नियोजन के तहत चल रहे ‘शाहू’ के सदस्य-किसान केंद्रित कामकाज का सम्मान है।

राजे समरजितसिंह घाटगे ने कहा कि आम सदस्य किसान, मेहनतकश श्रमिक और समाज के सभी वर्गों का विकास केंद्र में रखकर स्वर्गीय राजेसाहेब ने शाहू चीनी कारखाने की स्थापना की थी। बेहद प्रतिकूल परिस्थितियों में कारखाना चलाकर उन्होंने उसे प्रतिष्ठित बनाया और देश के अग्रणी चीनी कारखाने के रूप में ‘शाहू’ की पहचान स्थापित की। उनके कार्यकाल में कारखाने को 55 विभिन्न पुरस्कार मिले। उनके बाद भी इस गौरवशाली परंपरा को कायम रखते हुए 18 और पुरस्कार जुड़े। देश स्तर के सर्वश्रेष्ठ सहकारी चीनी कारखाने का यह पुरस्कार ‘शाहू’ के गौरव में जुड़ा एक और सम्मान है।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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