यावल वन विभाग ने सतपुड़ा पर्वत श्रृंखलाओं में मूल्यवान वन संपदा को आग लगाकर नुकसान पहुँचाने वाले एक आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई वाघझिरा नियत क्षेत्र के कक्ष क्रमांक 149 में की गई है, जिसके बाद आरोपी को अदालत ने 18 मार्च तक वन हिरासत में भेज दिया है।

गुप्त सूचना के आधार पर बिछाया गया जाल

सतपुड़ा पर्वत के वाघझिरा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मनुदेवी कक्ष क्रमांक 149 में किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा वणवा (जंगल की आग) लगाए जाने की गुप्त सूचना वन विभाग को मिली थी। इस जानकारी पर संज्ञान लेते हुए वाघझिरा राउंड स्टाफ ने तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई। इस दौरान टीम को जंगल में जगह-जगह आग लगी हुई दिखाई दी।

आरोपी रंगे हाथ गिरफ्तार

जब वन विभाग की टीम जंगल में तलाशी ले रही थी, तब आरोपी राज्या सखाराम बारेला (निवासी झेंडी, तहसील यावल, जिला जलगांव) प्रत्यक्ष रूप से आग लगाते हुए टीम की नजर में आया। वन रक्षकों ने अत्यंत चतुराई से जाल बिछाकर उसे घटनास्थल से ही हिरासत में ले लिया।

कानूनी कार्रवाई और वन हिरासत

आरक्षित वन क्षेत्र में आग लगाकर भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26 (1) बी और (डी) का उल्लंघन करने के मामले में यह कार्रवाई की गई है। आरोपी को 16 मार्च को यावल के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट वर्ग-1 के समक्ष पेश किया गया, जहां न्यायालय ने उसे 18 मार्च तक वन अभिरक्षा (Forest Custody) में रखने के आदेश दिए हैं।

इन अधिकारियों और टीम ने निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

यह पूरी कार्रवाई उप वन संरक्षक सौरिष सहाय, सहायक वन संरक्षक समाधान पाटील और वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रशांत जोशी के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। इस मुहिम में वन मंडल अधिकारी विपुल डी. पाटील, वन रक्षक हनुमंत सोनवणे, अशोक राठोड, रतन शेलार, जगदीश बारेला और वन सेवकों की टीम ने अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Pratahkal Bureau

Pratahkal Bureau

प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story