नंदुरबार जिले के सारंगखेड़ा में चार सौ वर्षों से चली आ रही प्रतिष्ठित यात्रा और उससे जुड़े चेतक महोत्सव को वैश्विक पहचान दिलाने के लिए महाराष्ट्र सरकार पूरी मजबूती से साथ खड़ी है। राज्य के पणन व राजशिष्टाचार मंत्री जयकुमार रावळ ने दत्त जयंती के अवसर पर शुरू हुए यात्रोत्सव और चेतक महोत्सव के उद्घाटन समारोह में यह घोषणा की, जिससे स्थानीय परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा मिली।

मंत्री रावळ ने कहा कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात की सीमाओं को स्पर्श करती पवित्र तापी नदी के तट पर सदियों से यह यात्रा अपनी परंपरा, आस्था और सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक बनकर चलती आ रही है। दत्तप्रभु की उपासना से जुड़ा यह उत्सव घोड़ों के विश्वप्रसिद्ध पशु मेले—अश्वमेले—के कारण अपनी अनूठी पहचान रखता है। प्रतिदिन लगभग 75 हजार श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं। कभी लोग बैलगाड़ियों से यात्रा करते थे, अब आधुनिक वाहनों से आते हैं, पर उद्देश्य वही—दुर्लभ नस्लों के घोड़ों को देखना और खरीदना।

महोत्सव में इस वर्ष भी असंख्य नस्लों के घोड़े प्रदर्शित हुए, जो दूर-दूर तक नज़र आने वाली पंक्तियों में सजे थे। मंत्री रावळ ने बताया कि ऐतिहासिक दस्तावेजों में दक्षिण भारत से लेकर अफगानिस्तान तक के खरीदारों के इस मेले में आने की जानकारी मिलती है। आज भी जापान और अरब देशों से अश्वप्रेमी यहां पहुंचते हैं, जो इस परंपरा की विश्व स्तर पर महत्ता को साबित करता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पर्यटन मंत्री रहते हुए इस महोत्सव को वैश्विक मंच पर लाने के लिए ठोस कदम उठाए थे। तीन वर्षों तक स्वयं उद्घाटन कर उन्होंने इस परंपरा को विशेष प्रोत्साहन दिया। हजारों लोगों की आजीविका इस मेले से जुड़ी है—मसालों से लेकर खाद्यपदार्थ, कृषि औज़ार और अन्य सामान बेचने वालों का वार्षिक आय स्रोत यही यात्रा है। सरकार की ओर से इसे और अधिक व्यवस्थित, भव्य और प्रभावशाली बनाने के प्रयास जारी हैं।

चेतक महोत्सव समिति के प्रमुख आयोजक जयपालसिंह रावळ के निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए मंत्री रावळ ने बताया कि यह महोत्सव अब अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि प्रसिद्ध उद्योगपति अनंत अंबानी ने इस महोत्सव में आने की इच्छा व्यक्त की है, जिससे आयोजन को और व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।

उद्घाटन के बाद मंत्री रावळ सहित सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने अश्व प्रदर्शनी का निरीक्षण किया और आयोजन की भव्यता का अवलोकन किया। परंपरा, व्यापार, आस्था और वैश्विक आकर्षण का संगम बन चुका यह महोत्सव अब नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।

Pratahkal Newsroom

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