मुरगूड स्थित विठ्ठल मंदिर में प्रतिवर्ष की परंपरा के अनुसार संत सेना महाराज की पुण्यतिथि के अवसर पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुए कार्यक्रम में समाजबांधव, नागरिक और वारकरी भाविक बड़ी संख्या में शामिल हुए तथा संत सेना महाराज को अभिवादन किया।

कार्यक्रम की शुरुआत संत सेना महाराज की प्रतिमा के पूजन से हुई। अमोल रणवरे के शुभहस्ते प्रतिमा का पूजन किया गया। उपस्थित भाविकों ने प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर संत सेना महाराज को श्रद्धांजलि दी।

इसके बाद ह.भ.प. उपलाने महाराज का कीर्तन आयोजित किया गया। उन्होंने अपनी रसपूर्ण और ओजस्वी वाणी के माध्यम से संत सेना महाराज के कार्य, विचार और भक्तिमार्ग का जागर किया। कीर्तन के दौरान सामाजिक एकता, सदाचार, भक्ति और संत विचारों के महत्व को भाविकों के समक्ष रखा गया। कीर्तन को भाविकों का उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला।

पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित महाप्रसाद का शुभारंभ नगराध्यक्षा सुहासिनीदेवी पाटील के हाथों किया गया। उपस्थित भाविकों ने महाप्रसाद का लाभ लिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान विठ्ठल मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।

कार्यक्रम में नगरसेविका गीता आंगज, नकेलीन बारदेस्कर, माजी नगरसेविका प्रतिभा सूर्यवंशी, नगरसेवक सुनील रणवरे, विजय मेंडके, वृक्षमित्र प्रविण सूर्यवंशी और नाभिक संघटना कागल तालुका अध्यक्ष दिग्विजय माने की प्रमुख उपस्थिति रही।

इस अवसर पर नाभिक संघटना मुरगूड शहर अध्यक्ष सचिन रणवरे, उपाध्यक्ष नितीन माने, प्रविण रणवरे, संभाजी माने, विलास रणवरे, संदीप रणवरे, संजय रणवरे, रामचंद्र वाडेकर, जोतीराम रणवरे, बाळासो वाडेकर, नंदू रणवरे, दीपक वाडेकर, बंडा कमळकर, गुरु माने, भगवान माने, गुंडा माने, प्रसाद कमळकर, अनिल रणवरे सहित नाभिक समाज के बांधव, नागरिक और वारकरी भाविक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

संत सेना महाराज की पुण्यतिथि के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम से मुरगूड में धार्मिक और भक्तिमय वातावरण बना रहा। कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए नाभिक समाज के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने विशेष परिश्रम किया।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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