मुरगूड में संत नामदेव महाराज का 676वां संजीवन समाधि समारोह भक्तिभाव से संपन्न
मुरगूड में संत नामदेव महाराज का 676वां संजीवन समाधि समारोह भक्तिभाव से संपन्न हुआ। दिंडी, कीर्तन और महाप्रसाद में श्रद्धालु शामिल हुए।

तस्वीर में मुरगूड की एक गली में संत नामदेव महाराज के समारोह के दौरान पारंपरिक वेशभूषा में दिंडी निकालते हुए श्रद्धालु दिखाई दे रहे हैं।
संत शिरोमणि नामदेव महाराज का 676वां संजीवन समाधि समारोह मुरगूड में भक्तिभाव और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। समारोह के अवसर पर समस्त नामदेव शिंपी समाज, वारकरी संप्रदाय और श्रद्धालुओं की उत्स्फूर्त भागीदारी से विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
समारोह के तहत आयोजित अखंड हरिनाम सप्ताह में प्रतिदिन तड़के काकड़ आरती, हरिपाठ और कीर्तन सेवा हुई। ह.भ.प. श्री. एकनाथ गुरव महाराज (मळगे), ह.भ.प. डॉ. शिवाजीराव पन्हाळकर महाराज (उत्तूर), ह.भ.प. राहुल पाटील महाराज (कुरुकली) तथा ह.भ.प. नारायण एकल महाराज (जोगेवाडी) ने कीर्तन सेवा के माध्यम से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक संदेश दिया।
कीर्तन सेवा के दौरान रोहित कोळेकर महाराज ने चोपदार और मारुती शेट्टी महाराज ने वीणेकरी के रूप में सेवा निभाई। मंदिर के पुजारी तुकाराम वंडकर ने धार्मिक विधियां संपन्न कराईं।
सोमवार, 10 अगस्त 2026 को मुरगूड शहर में भव्य दिंडी निकाली गई। मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को संत नामदेव महाराज के संजीवन समाधि समारोह के अवसर पर विशेष कीर्तन आयोजित किया गया। इसके बाद उपस्थित श्रद्धालुओं को महाप्रसाद वितरित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान समाज के अध्यक्ष महादेव वंडकर, उपाध्यक्ष प्रमोद वंडकर तथा पूर्व उपनगराध्यक्ष संतोषकुमार वंडकर ने उपस्थित श्रद्धालुओं का स्वागत किया।
धार्मिक समारोह के सफल आयोजन के लिए शुभम वंडकर, योगेश वंडकर, समाधान हावळ, सौरभ वंडकर, ओंकार वंडकर, ओंकार क्षीरसागर, स्वप्नील वंडकर, प्रशांत वंडकर, विजय हावळ, उद्धव मिरजकर, प्रणव मिरजकर सहित समस्त नामदेव शिंपी समाज के सदस्यों और भक्तों ने परिश्रम किया। पूरा समारोह भक्ति, श्रद्धा और नामस्मरण के वातावरण में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
