संत गाडगेबाबा ग्रामस्वच्छता अभियान के अंतर्गत पुरस्कार प्राप्त गांवों की विभागस्तरीय जांच के दौरान स्वच्छता को ग्रामीण विकास की सबसे महत्वपूर्ण आधारशिला बताते हुए विभागीय अपर आयुक्त (विकास) सुषमा देसाई ने गांवों से स्वच्छता कार्यों में निरंतरता बनाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को प्राथमिकता देने वाले गांव आज आधुनिक तीर्थस्थलों के रूप में उभर रहे हैं, जो समाज के लिए प्रेरणा का केंद्र बनते जा रहे हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के संत गाडगेबाबा ग्रामस्वच्छता अभियान में जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली बदनापुर तहसील की वरुडी ग्राम पंचायत तथा द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली जालना तहसील की सावरगांव (हडप) ग्राम पंचायत का 17 जून को विभागस्तरीय निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण के तहत गठित समिति ने दोनों ग्राम पंचायतों में संचालित स्वच्छता एवं जनहित से जुड़े विभिन्न कार्यों का विस्तृत मूल्यांकन किया।

निरीक्षण के दौरान अपर आयुक्त (विकास) सुषमा देसाई के साथ समिति सदस्य संगीता डोल्हारकर और संतोष चप्पलवार ने गांवों में स्वच्छता से संबंधित विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया। समिति ने व्यक्तिगत शौचालयों के निर्माण और उपयोग, ठोस कचरा एवं अपशिष्ट जल प्रबंधन, पेयजल आपूर्ति व्यवस्था, विद्यालयों और आंगनवाड़ी परिसरों की स्वच्छता, शालेय शौचालयों की स्थिति, विद्यार्थियों में स्वच्छता संबंधी आदतों, सार्वजनिक शौचालयों की उपलब्धता, पेयजल गुणवत्ता तथा वर्षा जल संचयन जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

समिति ने महिलाओं को मासिक धर्म प्रबंधन के संबंध में दिए गए प्रशिक्षण, कर एवं गृहकर वसूली की स्थिति तथा जलापूर्ति के लिए विकसित सुविधाओं की भी जानकारी ली। इस दौरान ग्रामीण नागरिकों और महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों से विभिन्न विषयों पर संवाद कर ग्राम स्तर पर संचालित गतिविधियों का फीडबैक भी प्राप्त किया गया।

निरीक्षण के अवसर पर जिला परिषद के उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी लिंबाजी बारगिरे, गटशिक्षणाधिकारी वालके, स्वच्छता अभियान के संवाद विशेषज्ञ एवं जनसंपर्क अधिकारी भगवान तायडे, केंद्रप्रमुख झुंबड तथा शुभम गोरे उपस्थित रहे। वहीं वरुडी ग्राम पंचायत की सरपंच राधाबाई शिंदे, राधाकिशन शिंदे, ग्राम विकास अधिकारी रविराज पवार तथा सावरगांव (हडप) ग्राम पंचायत की सरपंच इंदुबाई राऊत, विठ्ठलराव डोंगरे, ग्राम विकास अधिकारी अलका धांडे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं ग्रामवासी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

विभागस्तरीय जांच के माध्यम से ग्रामीण स्वच्छता मॉडल की प्रभावशीलता का आकलन किया गया। यह प्रक्रिया न केवल स्वच्छता कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, बल्कि अन्य ग्राम पंचायतों के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करती है। अभियान के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले गांवों की यह जांच ग्रामीण स्वच्छता और सतत विकास को नई दिशा देने वाली पहल के रूप में देखी जा रही है।

Pratahkal Bureau

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