निराधारों के ऋण से कभी उतराई संभव नहीं, मंत्री हसन मुश्रीफ ने भावुक होकर कही बड़ी बात
उत्तूर में संजय गांधी निराधार योजना के 456 लाभार्थियों को मंजूरी पत्र बांटे गए। मंत्री हसन मुश्रीफ ने लाभार्थियों के ऋण को कभी न चुका पाने की बात कहते हुए योजना की आयु सीमा और आर्थिक सहायता बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी दी।

तस्वीर में चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ उत्तूर में संजय गांधी निराधार योजना के लाभार्थियों को मंजूरी पत्र वितरित करते हुए नजर आ रहे हैं, जिनके साथ स्थानीय समिति के अध्यक्ष और नागरिक भी मौजूद हैं।
कोल्हापुर : संजय गांधी निराधार योजना के वृद्ध, निराधार, विधवा, परित्यक्ता और दिव्यांग लाभार्थियों के आशीर्वाद से ही लगातार छह बार विधानसभा के लिए चुना गया और नौ बार मंत्री बनने का अवसर मिला। इन लाभार्थियों का मेरे ऊपर अनंत ऋण है और कितने भी जन्म ले लूं, इस ऋण से उतराई संभव नहीं है। यह भावुक उद्गार चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने व्यक्त किए।
उत्तूर (ता. आजरा) में उत्तूर विभाग के संजय गांधी निराधार योजना के 456 लाभार्थियों को मंजूरी पत्र वितरित किए गए। मंत्री हसन मुश्रीफ के हाथों यह वितरण हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता आजरा तहसील संजय गांधी निराधार योजना समिति के अध्यक्ष सुनील दिवटे ने की।
मंत्री मुश्रीफ ने कहा कि उन्होंने 1999 से सेवाभाव की भावना के साथ विशेष सहायता विभाग अपने पास मांगा था। इस योजना की कई कठोर शर्तों और नियमों में ढील देकर गरीबों की सेवा का काम शुरू किया गया। वर्ष 1980-81 में तत्कालीन मुख्यमंत्री बैरिस्टर ए. आर. अंतुले के कार्यकाल में संजय गांधी निराधार योजना शुरू हुई थी। हालांकि, योजना की कुछ शर्तें लाभार्थियों के लिए परेशानी का कारण थीं। इसलिए विशेष सहायता विभाग मिलने के बाद इन शर्तों में बड़े बदलाव किए गए।
उन्होंने बताया कि संजय गांधी निराधार योजना में आय सीमा 21 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये करने, आयु सीमा 65 से घटाकर 60 वर्ष करने और हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
मुश्रीफ ने अहिल्यादेवी होलकर कर्जमुक्ति योजना के पात्र किसानों से अपील की कि यदि उन्होंने अभी तक एग्रीस्टैक पंजीकरण नहीं कराया है, तो तहसीलदार कार्यालय और कृषि विभाग गांववार मार्गदर्शन देकर पंजीकरण पूरा कराएं। इसके लिए संजय गांधी निराधार समिति भी पहल करे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आवश्यक सहयोग हसनसाहेब मुश्रीफ फाउंडेशन की ओर से किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि आंबेओहोळ परियोजना से स्वैच्छिक पुनर्वास प्रभावित लोगों को राहत देने के प्रयास जारी हैं। उत्तूर विभाग के पानंद रास्तों को ‘मुख्यमंत्री बलिराजा खेत व पांदण सड़क योजना’ के तहत बनाने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही उन्होंने घरेलू बिजली उपभोक्ताओं से ‘पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ का लाभ लेकर अपना बिजली बिल शून्य करने की दिशा में पहल करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में केडीसीसी बैंक के संचालक सुधीर देसाई, आजरा कारखाने के पूर्व चेयरमैन वसंतराव धुरे, तहसीलदार समीर माने, पूर्व जिला परिषद सदस्य काशिनाथ तेली, जिला परिषद सदस्य शिरीष देसाई, पंचायत समिति सभापति जयश्री गाडे, पंचायत समिति सदस्य विकास चोथे, नायब तहसीलदार विकास कोलते सहित विभिन्न गणमान्य उपस्थित थे।
जिला परिषद सदस्य शिरीष देसाई और तहसीलदार समीर माने ने अपने विचार व्यक्त किए। स्वागत और प्रस्तावना सुनील दिवटे ने की। संचालन सुधाकर मुळीक ने किया, जबकि आभार अंबाजी गुरव ने माना।
सुनील दिवटे की प्रशंसा करते हुए मंत्री मुश्रीफ ने कहा कि संजय गांधी निराधार योजना समिति के अध्यक्ष सुनील दिवटे जमीनी स्तर पर सेवाभावी सामाजिक कार्यकर्ता हैं। पदभार संभालने के बाद केवल दो महीने में उन्होंने गरीबों की सेवा के काम को गति दी है। उनके कार्य को राजस्व विभाग का भी अच्छा सहयोग मिल रहा है।
इस कार्यक्रम के माध्यम से उत्तूर विभाग के 456 लाभार्थियों को संजय गांधी निराधार योजना के मंजूरी पत्र वितरित किए गए और योजना के लाभार्थियों के लिए नियमों में बदलाव तथा सहायता बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी भी सामने आई।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
