बावापुर में किसान गोष्टी कार्यक्रम, कपास-तुअर कीट रोग प्रबंधन और रबी तैयारी पर मार्गदर्शन
बावापुर में आत्मा अंतर्गत किसान गोष्टी कार्यक्रम में कपास, तुअर, चना, गेहूं और अलसी फसलों के कीट-रोग प्रबंधन, खेती तकनीक, बीज प्रक्रिया, कृषि योजनाओं और रबी तैयारी पर विशेषज्ञों ने मार्गदर्शन दिया।

तस्वीर में समुद्रपुर के बावापुर स्थित खेत में आयोजित किसान गोष्ठी कार्यक्रम के दौरान बैनर पकड़े हुए किसान और कृषि अधिकारी नजर आ रहे हैं।
समुद्रपुर के बावापुर स्थित हनुमान मंदिर परिसर में आत्मा अंतर्गत किसान गोष्टी कार्यक्रम आयोजित किया गया। तालुका कृषि अधिकारी, समुद्रपुर के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में खरीफ हंगामे की कपास और तुअर फसल में कीट एवं रोग प्रबंधन तथा रबी हंगामे की पूर्व तैयारी विषय पर किसानों को मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता बावापुर के खेतीनिष्ठ पुरस्कार प्राप्त किसान दीपक बरडे ने की। कृषि विज्ञान केंद्र सेलसुरा के कीटशास्त्रज्ञ डॉ. निलेश वजीरे ने खरीफ हंगामे में कपास और तुअर फसल के कीट एवं रोग प्रबंधन, चना फसल में मर रोग प्रबंधन तथा बीज प्रक्रिया के संबंध में जानकारी दी।
कृषि विज्ञान केंद्र सेलसुरा की एग्रोनॉमिस्ट डॉ. भारती तिजारे ने चना, गेहूं और अलसी की खेती तकनीक, उर्वरक प्रबंधन तथा सिंचाई के संबंध में मार्गदर्शन किया। पशुसंवर्धन एवं दुग्ध व्यवसाय, कृषि विज्ञान केंद्र सेलसुरा के डॉ. सचिन मुळे ने बकरी पालन और दुग्ध व्यवसाय की जानकारी दी।
गृह विज्ञान, कृषि विज्ञान केंद्र सेलसुरा की डॉ. प्रेरणा धुमाळ ने महिलाओं के लिए पोषण बाग में विभिन्न औषधीय पौधों तथा परसबाग की जानकारी देकर इनके महत्व को बताया। कृषि अभियांत्रिकी, कृषि विज्ञान केंद्र सेलसुरा के डॉ. पवार ने चौड़ी क्यारी-नाली पद्धति से फसल की खेती, ड्रोन के माध्यम से छिड़काव और विभिन्न कृषि औजारों की जानकारी दी।
विस्तार, कृषि विज्ञान केंद्र सेलसुरा की डॉ. अंकिता अंगाइतकर ने चना और गेहूं फसल की कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित विभिन्न किस्मों के साथ ट्राइकोग्रामा, जीवाणु संघ और ट्राइकोडर्मा के संबंध में मार्गदर्शन किया। कृषि सेवक देरडा वी. एस. मंगळे ने महिला किसान प्रमाणपत्र अभियान और कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम का प्रस्ताविक आर. पी. चांदेवार, तालुका प्रौद्योगिकी प्रबंधक, समुद्रपुर ने किया, जबकि संचालन एस. सी. हिवसे, सहायक प्रौद्योगिकी प्रबंधक, समुद्रपुर ने किया। क्षेत्र भ्रमण के दौरान कपास और तुअर फसल का निरीक्षण कर कीट एवं रोगों के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रशांत भोयर, रविंद्र भगत, प्रमोद काकडे, गणेश कोंबे और प्रिया थुल ने सहयोग किया। बावापुर और देरडा गांव के किसान भाइयों तथा महिला किसानों की उपस्थिति रही।

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