नंदुरबार में आयोजित 19वें कृषि प्रौद्योगिकी महोत्सव का दूसरा दिन किसानों के लिए महत्वपूर्ण संदेशों से भर गया, जब “आपलं गाव – आपलं पाणी” परिषद के दौरान जिल्हाधिकारी डॉ. मित्ताली सेठी ने कृषि क्षेत्र में उत्पादन के साथ-साथ बिक्री प्रबंधन की आवश्यकता पर जोर देते हुए किसानों को नए दिशानिर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नंदुरबार जिले में फसलों की उल्लेखनीय विविधता है, और इस क्षमता को मूल्य में बदलने के लिए आधुनिक तकनीक के साथ प्रभावी बाज़ार प्रबंधन को अपनाना समय की मांग है।

परिषद का आयोजन 10 दिसंबर 2025 को डॉ. हेडगेवार सेवा समिति तथा कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त प्रयास से किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. नितीन पंचभाई ने की, जबकि प्रमुख अतिथि के रूप में समिति के अध्यक्ष केदारनाथ कवडीवाले उपस्थित थे। विशेष अतिथि के तौर पर सुप्रभा प्रतिष्ठान, पुणे के अध्यक्ष राजेंद्र कासार और कृषि महाविद्यालय, नंदुरबार के सहयोगी अधिष्ठाता डॉ. यू.बी. होले भी मंच पर मौजूद रहे।

जिल्हाधिकारी डॉ. सेठी ने कहा कि जिले के किसान उन्नत तकनीक अपनाकर गुणवत्ता युक्त उत्पादन तो प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन अधिक लाभ के लिए संगठित तरीके से विपणन तंत्र को मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने शेतकरी उत्पादक कंपनियों के माध्यम से एकजुट होकर मूल्यवर्धन को बढ़ावा देने तथा बिक्री प्रबंधन का पाँच वर्षीय आराखड़ा तैयार करने की अपील की। साथ ही उन्होंने जल उपयोग संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण पर विशेष बल देते हुए कहा कि जल की कार्यक्षमता बढ़ाना भविष्य की कृषि सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक जयंत उत्तरवार ने परिषद की संकल्पना प्रस्तुत करते हुए बताया कि आधुनिक सिंचाई पद्धतियों और वैज्ञानिक जल प्रबंधन के माध्यम से उत्पादन को कई गुना बढ़ाया जा सकता है। आरंभिक वक्तव्य में वैज्ञानिक राजेंद्र दहातोंडे ने महोत्सव के सभी कार्यक्रमों का संक्षिप्त विवरण प्रस्तुत किया और विभिन्न विभागों के सहयोग तथा किसानों की उत्साहपूर्ण सहभागिता पर संतोष व्यक्त किया।

नंदुरबार में आयोजित यह परिषद न केवल किसानों के लिए ज्ञानवर्धक रही, बल्कि भविष्य की टिकाऊ और लाभकारी कृषि व्यवस्थाओं की दिशा भी तय करती दिखाई दी। कार्यक्रम के संदेशों ने स्पष्ट कर दिया कि कृषि में सुधार अब केवल उत्पादन तक सीमित नहीं, बल्कि संगठित विपणन और सूझबूझ भरे प्रबंधन की दिशा में बढ़ना ही विकास का वास्तविक मार्ग है।

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