सकऱ्यापाडा स्कूल: शिरपूर के १०० से अधिक विद्यार्थियों को मिले रेनकोट
धुले जिले के दुर्गम सकऱ्यापाडा स्कूल में सद्गुरु सेवा प्रतिष्ठान और ज्ञानज्योति फाउंडेशन ने विद्यार्थियों को रेनकोट वितरित कर उनकी शैक्षणिक बाधाओं को दूर किया।

तस्वीर में सकऱ्यापाडा विद्यालय के विद्यार्थी, शिक्षक और सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि रेनकोट वितरण कार्यक्रम के दौरान मंच पर दिखाई दे रहे हैं।
धुले जिले के शिरपूर तहसील अंतर्गत आने वाले कोडीद केंद्र की जिला परिषद प्राथमिक शाला, सकऱ्यापाडा में शिक्षा और सामाजिक सरोकार का एक अत्यंत प्रेरणादायी दृश्य देखने को मिला। सद्गुरु सेवा प्रतिष्ठान और ज्ञानज्योति फाउंडेशन, पुणे के संयुक्त प्रयासों तथा दाते सचिन म्हसे एवं संकल्पक नरेंद्र उमाळे के विशेष मार्गदर्शन में विद्यालय के १०६ विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता वाले रेनकोट वितरित किए गए। दुर्गम और आदिवासी बहुल इस क्षेत्र में, जहाँ मानसून के दौरान विद्यार्थियों को कठिन रास्तों से होकर गुजरना पड़ता है, यह पहल न केवल उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए, बल्कि निरंतर शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम सिद्ध हुई है।
इस गौरवपूर्ण कार्यक्रम की अध्यक्षता बोराडी बिट के विस्तार अधिकारी यशवंत ठाकरे ने की, जबकि कोडीद केंद्र के प्रभारी केंद्रप्रमुख प्रकाश भामरे मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शालेय व्यवस्थापन समिति के अध्यक्ष निलेश पावरा, पोस्टमन भीमराव पावरा, मुख्य अध्यापक अर्जुन पावरा और उपक्रमशील शिक्षक सुनील ठाकरे की गरिमामय उपस्थिति रही। सकऱ्यापाडा विद्यालय अपनी सौ प्रतिशत उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जाना जाता है। विद्यालय के नवाचारी प्रयोगों जैसे 'घंटाविना शाला' से प्रभावित होकर दोनों संस्थाओं ने इस सहायता का बीड़ा उठाया। यह रेनकोट उन नन्हे बच्चों के लिए एक सुरक्षा कवच का कार्य करेंगे जो वर्षा के कारण भीगने और अस्वस्थ होने के कारण अपनी कक्षाओं से वंचित रह जाते थे।
कार्यक्रम के दौरान विस्तार अधिकारी यशवंत ठाकरे ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं का विद्यालयी समस्याओं को दूर करने का यह प्रयास अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। प्रभारी केंद्रप्रमुख प्रकाश भामरे ने इसे दुर्गम क्षेत्रों में शिक्षा की मुख्यधारा को बनाए रखने के लिए एक संजीवनी बताया। कार्यक्रम में सामाजिक कृतज्ञता व्यक्त करते हुए मांजणी के पोस्टमन भीमराव पावरा को उनकी उत्कृष्ट टपाल सेवा के लिए और कृषी दिवस के अवसर पर आदर्श किसान संदीप नंदा पावरा को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। मुख्य अध्यापक अर्जुन पावरा ने विद्यालय की प्रगति का ब्योरा प्रस्तुत किया, जबकि शिक्षक सुनील ठाकरे ने कार्यक्रम का कुशल संचालन किया। शिरपूर के गटशिक्षणाधिकारी विठ्ठल घुगे ने इस पहल की सराहना की है। ग्रामीण निवासियों और पालकों की उपस्थिति ने इस समारोह को एक सामुदायिक उत्सव में बदल दिया, जहाँ हर बच्चे के चेहरे पर शिक्षा के प्रति अटूट विश्वास और प्रसन्नता स्पष्ट झलक रही थी।

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