सदाशिवराव मंडलिक के नाम पर अध्यासन केंद्र की मांग, 7 अक्टूबर को आत्मक्लेश आंदोलन की चेतावनी
शिवाजी विद्यापीठ में स्व. सदाशिवराव मंडलिक के नाम से अध्यासन केंद्र और कोल्हापुर, कागल व मुरगूड में स्मारक की मांग की गई है। 6 अक्टूबर तक निर्णय नहीं होने पर 7 अक्टूबर को आत्मक्लेश आंदोलन की चेतावनी दी गई।

तस्वीर में कुछ लोग कार्यालय में एक ज्ञापन सौंपते हुए नजर आ रहे हैं।
शिवाजी विद्यापीठ, कोल्हापुर में स्व. खासदार सदाशिवराव मंडलिक के नाम से अध्यासन केंद्र को तत्काल मंजूरी देने और कोल्हापुर, कागल तथा मुरगूड में उनका चिरंतन स्मारक व पुतला उभारण्याची मांग ॲड. दयानंद ना. पाटील-नंद्याळकर यांनी केली आहे. 6 अक्टूबर 2026 तक इन मांगों पर निर्णय नहीं होने पर 7 अक्टूबर को मंडलिक जयंती के दिन हमीदवाडा चीनी कारखाना कार्यस्थल पर स्थित उनके पुतले के सामने आत्मक्लेश आंदोलन करने की चेतावनी दी गई है।
इस संबंध में पालकमंत्री प्रकाश आबिटकर और वैद्यकीय शिक्षण मंत्री हसन मुश्रीफ को निवेदन दिया गया है। निवेदन की प्रतियां आमदार सतेज उर्फ बंटी पाटील और खासदार संजय मंडलिक को भी दी गई हैं।
निवेदन में कहा गया है कि कोल्हापुर जिले के राजनीतिक, सामाजिक, सहकारिता और शैक्षणिक क्षेत्र में स्व. सदाशिवराव मंडलिक का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। कृषि, सहकारिता, सिंचाई और शिक्षा के क्षेत्र में उनके कार्य को उल्लेखनीय बताया गया है। उनके कार्य से जिले के सामाजिक और आर्थिक विकास को बड़ी गति मिली।
स्व. मंडलिक के कार्यों की स्मृति भावी पीढ़ियों तक पहुंचाने और उनके विचारों तथा कार्यों का अध्ययन करने के उद्देश्य से शिवाजी विद्यापीठ में उनके नाम से अध्यासन केंद्र स्थापित करने की मांग की गई है। इसके साथ ही कोल्हापुर, कागल और मुरगूड में उनकी स्मृतियों को संरक्षित करने वाला स्मारक और पुतला स्थापित करने की मांग भी निवेदन में की गई है।
इन मांगों को लेकर कागल तालुका के सर्वदलीय मंडलिक समर्थक कार्यकर्ताओं ने इससे पहले भी लगातार प्रयास किए हैं। चंद्रकांत गवळी, एस. आर. बाईत, प्रा. डी. डी. चौगुले, धनाजीराव काटे, ईगल प्रभावळकर, किरण गवाणकर, जयसिंग भोसले, प्रा. डॉ. शिवाजी होडगे, नामदेव मेंडके, मारुती गोते, प्रा. संभाजी मोरे, ॲड. खाशाबा भोसले, दत्तात्रय मंडलिक, प्रा. जीवनराव साळोखे, एकनाथ पोतदार, शिवाजीराव चौगुले, देवानंद पाटील, केशवराव पाटील, पुंडलिक उर्फ पी. डी. पाटील, भगवान लोकरे और अनिल सिद्धेश्वर सहित अन्य के हस्ताक्षर वाला निवेदन 15 जुलाई 2025 को जिला प्रशासन सहित संबंधित मान्यवरों को दिया गया था।
इस निवेदन की प्रति आमदार संजयबाबा घाटगे और समरजितसिंह घाटगे को भी दी गई थी। हालांकि, निवेदन दिए जाने के 14 महीने बाद भी शासन और जिला प्रशासन की ओर से इन मांगों पर निर्णय नहीं लिए जाने पर निवेदन में नाराजगी व्यक्त की गई है।
निवेदन में कहा गया है कि मंडलिक के कार्यों का गौरव बनाए रखने के लिए इन मांगों पर समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए और उनकी पुण्यतिथि से पहले आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही 6 अक्टूबर तक मांगों पर ठोस निर्णय नहीं होने पर 7 अक्टूबर को आत्मक्लेश आंदोलन करने का स्पष्ट इशारा ॲड. दयानंद पाटील-नंद्याळकर ने दिया है।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
