विश्व जनसंख्या दिवस पर प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे बोले: जनसंख्या पर हर नागरिक को करना होगा गंभीर विचार
सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय, मुरगूड में विश्व जनसंख्या दिवस पर राष्ट्रीय ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी, पोस्टर प्रदर्शनी और जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए गए। प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे ने जनसंख्या, स्वास्थ्य, लैंगिक समानता और परिवार नियोजन पर हर नागरिक की जिम्मेदारी को रेखांकित किया।

मुरगूड के सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय में विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे।
कोल्हापुर : विजय मोरबाळे
सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय, मुरगूड में 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस विभिन्न जनजागरण कार्यक्रमों के साथ उत्साहपूर्वक मनाया गया। वर्ष 2026 की थीम "न्याय और आशादायी जग में युवाओं को उनकी इच्छा के अनुसार परिवार बनाने में सक्षम बनाना" को केंद्र में रखते हुए अर्थशास्त्र विभाग की ओर से राष्ट्रीय स्तर की ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, पोस्टर प्रदर्शनी, व्याख्यान तथा जनजागरण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे के हाथों विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए जनसंख्या, स्वास्थ्य शिक्षा, लैंगिक समानता, परिवार नियोजन, युवा सशक्तिकरण और सतत विकास विषयों पर आधारित जानकारीपूर्ण भित्ति-पत्रक के उद्घाटन से हुई। कु. श्रावणी हळदकर, कु. उषा जाधव, कु. शंतनू सावंत, कु. श्रीधर घाडगे, कु. आदर्श जाधव और कु. वैष्णवी रेडेकर द्वारा तैयार इस भित्ति-पत्रक के माध्यम से जनसंख्या वृद्धि के कारणों और उसके परिणामों के साथ-साथ परिवार नियोजन के महत्व, स्त्री-पुरुष समानता, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य तथा सतत विकास का प्रभावी संदेश दिया गया।
इस अवसर पर मार्गदर्शन करते हुए प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे ने कहा, "लोकसंख्या का विचार प्रत्येक नागरिक को करना ही चाहिए। बढ़ती जनसंख्या, उपलब्ध संसाधनों और विकास के बीच के संबंध को समझते हुए जिम्मेदार नागरिक के रूप में जनसंख्या शिक्षा, स्वास्थ्य, स्त्री-पुरुष समानता और परिवार नियोजन को अपनाना आवश्यक है। शिक्षित, स्वस्थ, कौशल-संपन्न और जिम्मेदार नागरिक ही राष्ट्र की सर्वांगीण प्रगति की वास्तविक शक्ति हैं।"
राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित खुली ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता को देशभर के महाविद्यालयीन विद्यार्थियों का उत्साहपूर्ण प्रतिसाद मिला। वहीं पोस्टर प्रदर्शनी और जनजागरण कार्यक्रमों के माध्यम से जनसंख्या स्थिरीकरण, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का प्रभावी संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान कु. प्राजक्ता पाटील, कु. निलेश पाटोळे, प्रा. रामचंद्र पाटील तथा प्रा. गुरुनाथ सामंत ने अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर नॅक समन्वयिका डॉ. माणिक पाटील, प्रा. दादासाहेब सरदेसाई, प्रा. दीपक साळुंखे, लेफ्ट. विनोद प्रधान सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का प्रास्ताविक प्रा. सोनाली कुंभार ने प्रस्तुत किया। संचालन प्रा. संजय हेरवाडे ने किया, जबकि आभार प्रा. स्वप्निल मेंडके ने व्यक्त किए। कार्यक्रम का सफल संयोजन अर्थशास्त्र विभाग द्वारा किया गया। विश्व जनसंख्या दिवस के अवसर पर आयोजित इन जनजागरण गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों और उपस्थित जनसमुदाय तक जनसंख्या, स्वास्थ्य, समानता और सतत विकास का संदेश प्रभावी रूप से पहुंचाया गया।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
