कोल्हापुर : विजय मोरबाळे

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में केवल वृक्षारोपण करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों का संरक्षण और उनका नियमित संवर्धन करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे ने कहा कि पर्यावरण का संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्ष संरक्षण के अभियान को अधिक प्रभावी ढंग से चलाने की आवश्यकता है। वे राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) विभाग की ओर से आयोजित विशेष वृक्षारोपण अभियान के उद्घाटन अवसर पर संबोधित कर रहे थे।

राष्ट्रीय सेवा योजना विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष अभियान के तहत महाविद्यालय के विस्तृत परिसर में कडुलिंब, कांचन, शिसम, नारियल, आम, इमली, तगर, आपटा, कोरफड सहित औषधीय एवं फलदार प्रजातियों के 300 से अधिक पौधों का रोपण किया गया।

इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे, कार्यालयीन अधीक्षक एम. डी. भोई तथा नैक समन्वयक डॉ. माणिक पाटील के हस्तों वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी प्रा. संजय हेरवाडे, प्रा. सुशांत पाटील, प्रा. डी. व्ही. गोरे, प्रा. राकेश माने, प्रा. अवधूत पाटील, प्रा. डी. डी. खतकर, प्रा. नितेश रायकर, प्रा. स्वप्नील मेंडके तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने लगाए गए प्रत्येक पौधे के संरक्षण और देखभाल की जिम्मेदारी भी स्वीकार की तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपना संकल्प व्यक्त किया। इस पहल से महाविद्यालय परिसर को और अधिक हरित बनाने के प्रयासों को मजबूती मिली।

फोटो : सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना विभाग की ओर से आयोजित वृक्षारोपण अभियान के दौरान प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे, एम. डी. भोई, डॉ. माणिक पाटील, प्राध्यापक एवं स्वयंसेवक वृक्षारोपण करते हुए।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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