छत्रपति संभाजीनगर में भाजपा चुनाव कार्यालय पर आरपीआई कार्यकर्ताओं का हमला, बैनर फाड़े जाने से बढ़ा राजनीतिक तनाव
छत्रपति संभाजीनगर में भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) का गठबंधन टूटने के बाद आरपीआई (आठवले गुट) के कार्यकर्ताओं ने भाजपा के केंद्रीय चुनाव कार्यालय पर प्रदर्शन किया। टिकट वितरण से नाराज कार्यकर्ताओं ने बैनर फाड़े, जिससे कुछ देर के लिए इलाके में राजनीतिक तनाव फैल गया।

छत्रपति संभाजीनगर:
महाराष्ट्र की राजनीति में गठबंधन समीकरणों के बदलते ही छत्रपति संभाजीनगर शहर मंगलवार, 30 दिसंबर को अचानक सियासी उबाल का गवाह बन गया। शिवसेना (शिंदे गुट) और भारतीय जनता पार्टी के बीच गठबंधन टूटने के बाद रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले गुट) के कार्यकर्ताओं का आक्रोश सड़कों पर साफ दिखाई दिया।
आरपीआई (आठवले गुट) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा ने उन्हें अपेक्षित सीटें नहीं दीं और कई इच्छुक उम्मीदवारों को चुनाव टिकट से वंचित कर दिया गया। इसी नाराजगी के चलते आरपीआई उम्मीदवारों और समर्थकों ने भाजपा के केंद्रीय चुनाव कार्यालय की ओर मोर्चा निकाला और जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू किया।
प्रदर्शन के दौरान स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय पर लगे मुख्य बैनर को फाड़ दिया और पार्टी के खिलाफ तीखी नारेबाजी की। अचानक हुए इस घटनाक्रम से इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिससे स्थानीय नागरिकों में भी राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सतर्क हो गया और पूरे मामले पर नजर बनाए रखी गई। हालांकि अब तक किसी गंभीर चोट या बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थिति नियंत्रण में है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
शिवसेना (शिंदे गुट) और भाजपा के गठबंधन से अलग होने के बाद आरपीआई (आठवले गुट) की यह नाराजगी, रामदास आठवले के नेतृत्व वाली पार्टी की आगामी रणनीति और राज्य की सियासत में संभावित बदलावों की ओर संकेत करती है। यह घटनाक्रम न केवल स्थानीय राजनीति को प्रभावित करता है, बल्कि आने वाले चुनावों से पहले गठबंधन राजनीति की जटिलताओं को भी उजागर करता है।

