कोल्हापुर में मिला दुर्लभ सफेद तस्कर सांप, सर्पमित्र ने किया रेस्क्यू
कागल तालुका के बिद्री शुगर फैक्ट्री परिसर में मिले इस बिनविषैले सांप का रंग आनुवंशिक परिवर्तन के कारण सफेद हुआ है, जिसे सुरक्षित बचा लिया गया।

तस्वीर में लाल रंग की सतह पर कुंडली मारकर बैठा हुआ एक दुर्लभ सफेद रंग का तस्कर सांप दिखाई दे रहा है।
कोल्हापुर जिले के कागल तालुका स्थित बिद्री शुगर फैक्ट्री परिसर में दुर्लभ सफेद रंग के बिनविषैले 'तस्कर' प्रजाति के सांप के मिलने से क्षेत्र में उत्सुकता फैल गई। सर्पमित्र सयाजी चौगले ने मौके पर पहुंचकर सांप का सुरक्षित रेस्क्यू किया और उसके प्राण बचाते हुए एक बार फिर वन्यजीव संरक्षण का उदाहरण प्रस्तुत किया।
बिद्री शुगर फैक्ट्री परिसर के एक घर के पास सफेद रंग का सांप दिखाई देने पर स्थानीय नागरिकों ने तत्काल सर्पमित्र सयाजी चौगले को सूचना दी। सूचना मिलते ही चौगले घटनास्थल पर पहुंचे और अत्यंत सावधानी के साथ सांप को सुरक्षित पकड़ा। जांच के दौरान उन्होंने बताया कि यह बिनविषैला 'तस्कर' प्रजाति का सांप है, जिसका रंग पूरी तरह सफेद होने के कारण यह अत्यंत दुर्लभ माना जाता है।
करीब चार फुट लंबा यह सांप खतरा महसूस होने पर अपने शरीर को अंग्रेजी के 'S' अक्षर के आकार में मोड़ लेता है। इसका मुख्य भोजन चूहे, छिपकलियां, गोह और मेंढक हैं। यह सांप खेती वाले क्षेत्रों के साथ-साथ मानव बस्तियों के आसपास भी पाया जाता है। बिनविषैला होने के कारण यह मनुष्यों के लिए खतरनाक नहीं है, बल्कि खेतों में चूहों की संख्या नियंत्रित कर पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस दुर्लभ सफेद रंग का कारण आनुवंशिक परिवर्तन (Genetic Mutation) या शरीर में मेलानिन नामक रंगद्रव्य की कमी हो सकती है। इसी वजह से ऐसे सांपों का रंग सफेद अथवा हल्का पीला दिखाई देता है। इस प्रकार के सांप अत्यंत दुर्लभ होते हैं, इसलिए उनका संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
सर्पमित्र बाजीराव कुदळे (उंदरवाड़ी) ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि इस प्रकार का कोई सांप दिखाई दे तो डर के कारण उसे न मारें। शांत रहें और तुरंत वन विभाग या स्थानीय सर्पमित्रों को इसकी सूचना दें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक सांप पर्यावरण की खाद्य श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उनका संरक्षण करना सभी की जिम्मेदारी है।
दुर्लभ सफेद सांप मिलने की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंचे और इस अनोखे सांप को देखा। इस दौरान सर्पमित्रों ने उपस्थित नागरिकों को सांपों के महत्व और उनके संरक्षण के प्रति जागरूक भी किया।
फोटो कैप्शन: बिद्री (ता. कागल) स्थित शुगर फैक्ट्री परिसर से सर्पमित्र सयाजी चौगले द्वारा सुरक्षित रेस्क्यू किया गया दुर्लभ सफेद रंग का बिनविषैला 'तस्कर' प्रजाति का सांप।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
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