राखी के धागे से जुड़ा इंसानियत का रिश्ता, गगनबावड़ा में युवतियों की अनूठी पहल
गगनबावड़ा में रक्षाबंधन पर महाविद्यालयीन युवतियों ने एसटी कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को राखी बांधकर स्नेह का रिश्ता मजबूत किया।

तस्वीर में गगनबावड़ा पुलिस थाने के बाहर महाविद्यालय की छात्राएं पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों को राखी बांधती हुई नजर आ रही हैं।
रक्षाबंधन के अवसर पर पद्मश्री डॉ. ग. गो. जाधव महाविद्यालय, गगनबावड़ा की राष्ट्रीय सेवा योजना और संस्कृति विभाग की ओर से सामाजिक प्रतिबद्धता और सांस्कृतिक परंपरा को जोड़ने वाला अनूठा रक्षाबंधन उपक्रम आयोजित किया गया। महाविद्यालय की युवतियों ने गगनबावड़ा एसटी आगार और गगनबावड़ा पुलिस थाने में पहुंचकर कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों को राखियां बांधीं।
महाविद्यालयीन युवतियों ने गगनबावड़ा एसटी आगार के चालक, परिचालक, मरम्मत एवं तकनीकी विभाग के कर्मचारियों, नागरिकों और यात्रियों के साथ गगनबावड़ा पुलिस थाने के पुलिसकर्मियों को राखियां बांधकर स्नेह का रिश्ता मजबूत किया।
सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारी और पुलिस अधिकारी-कर्मचारी समाज की सेवा के लिए लगातार अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं। उनके कार्य के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने के साथ समाज में आपसी स्नेह, अपनापन और भाईचारा बढ़े, इसी उद्देश्य से यह उपक्रम आयोजित किया गया। राखी बांधने के बाद एसटी आगार के कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों ने मिठाई बांटकर खुशी व्यक्त की।
इस उपक्रम को आनंदी शिक्षण प्रसारक मंडल के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. डॉ. सतीश देसाई और संस्था सचिव प्रो. डॉ. विद्या देसाई का प्रोत्साहन मिला। प्राचार्य डॉ. टी. एम. पाटील ने बताया कि रक्षाबंधन जैसे सांस्कृतिक त्योहारों के माध्यम से सामाजिक प्रतिबद्धता को बनाए रखने का कार्य महाविद्यालय की ओर से लगातार किया जाता है।
इस अवसर पर गगनबावड़ा एसटी आगार प्रमुख सुरेश शिंगाडे के साथ आगार के कर्मचारी तथा गगनबावड़ा पुलिस थाने के सहायक पुलिस निरीक्षक भारत साळुंखे, सतीश पाटील, संदीप पाटील, उज्वला पाटील, सागर पाटील, मानसिंग सातपुते और होमगार्ड अमित मोळे सहित अन्य उपस्थित रहे।
महाविद्यालय की ओर से डॉ. आदिनाथ कांबळे, प्रो. डी. बी. भोसले, प्रो. वंदना पाटील, प्रो. अमोल कुंभार, प्रो. ऐश्वर्या धामोडकर, प्रो. हुसेन फरास, प्रो. अरुण गावकर, प्रो. सौरभ देसाई और प्रो. रोहित सरनोबत के साथ महाविद्यालयीन छात्राएं उपस्थित थीं।
रक्षाबंधन के इस उपक्रम ने महाविद्यालयीन छात्राओं और समाज की सेवा में जुटे एसटी कर्मचारियों तथा पुलिसकर्मियों के बीच स्नेह, कृतज्ञता और सामाजिक जुड़ाव के रिश्ते को मजबूत किया।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
