राजुरा। बढ़ती खेती लागत, प्राकृतिक संकटों और कर्ज के बढ़ते बोझ से जूझ रहे किसानों की समस्याओं को लेकर एक किसान ने राजुरा तहसील कार्यालय में अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। बैल पर सवार होकर तहसील परिसर पहुंचे किसान ने कर्जमाफी और कर्जमुक्ति की मांग उठाते हुए जोरदार नारेबाजी की, जिससे कुछ समय के लिए पूरे परिसर में हलचल का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार, गोरेगांव निवासी किसान दिवाकर पहानपटे ने किसानों की आर्थिक स्थिति और बढ़ती परेशानियों को लेकर यह प्रतीकात्मक आंदोलन किया। किसान बैल पर बैठकर तहसील कार्यालय परिसर में पहुंचे और “किसानों को कर्जमुक्त करो”, “कर्जमाफी लागू करो” तथा “किसानों को न्याय दो” जैसे नारे लगाकर अपनी मांगों को सामने रखा।

इस दौरान तहसील कार्यालय में मौजूद कर्मचारी, विभिन्न कार्यों से आए नागरिक और स्थानीय लोग इस अनोखे विरोध प्रदर्शन को देखकर आश्चर्यचकित रह गए। आंदोलन की जानकारी फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और कई लोगों ने इस दृश्य को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड भी किया। कुछ समय तक तहसील परिसर में इस आंदोलन की ही चर्चा होती रही।

किसान का कहना है कि लगातार प्राकृतिक आपदाओं, घटते कृषि उत्पादन और फसलों के उचित मूल्य नहीं मिलने के कारण किसान आर्थिक संकट में फंसते जा रहे हैं। बढ़ते कर्ज के कारण स्थिति और गंभीर होती जा रही है। ऐसे में सरकार को तत्काल कर्जमाफी का निर्णय लेकर किसानों को राहत प्रदान करनी चाहिए।

सामान्यतः मोर्चा, ज्ञापन और धरना जैसे विरोध प्रदर्शनों के बीच बैल पर सवार होकर किया गया यह आंदोलन चर्चा का विषय बना रहा। ग्रामीण जीवन और कृषि व्यवस्था के प्रतीक बैल के माध्यम से किसान ने अपनी पीड़ा और मांगों को प्रशासन तक पहुंचाने का प्रयास किया, जिसने उपस्थित लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story