शक्तिपीठ महामार्ग पर पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने उठाए सवाल
कोल्हापुर के बोरवडे में आयोजित किसान परिषद में राजू शेट्टी ने शक्तिपीठ महामार्ग परियोजना में भ्रष्टाचार की आशंका जताई और इसे किसानों के हित के विरुद्ध बताया।

कोल्हापुर के बोरवडे में आयोजित किसान जागृति परिषद में पूर्व सांसद राजू शेट्टी संबोधित करते हुए।
कोल्हापुर जिले के बोरवडे (कागल तहसील) में आयोजित एक किसान जागृति परिषद में स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के नेता और पूर्व सांसद राजू शेट्टी ने प्रस्तावित 'शक्तिपीठ महामार्ग' परियोजना को लेकर राज्य सरकार पर कड़े प्रहार किए हैं। श्री शेट्टी ने इस परियोजना को आम आदमी की आवश्यकता के विपरीत केवल उद्योगपतियों के लाभ के लिए तैयार की गई योजना करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस महामार्ग के निर्माण की आड़ में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने की प्रबल संभावना है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुख्यमंत्री और संबंधित मंत्रियों का लक्ष्य इस परियोजना के माध्यम से अपनी जेबें भरना है और यह महामार्ग उनके लिए भ्रष्टाचार का एक बड़ा केंद्र साबित होगा। पूर्व सांसद ने आगे कहा कि उपजाऊ जमीनों के बदले किसानों को मामूली मुआवजा देकर उनके साथ अन्याय किया जा रहा है।
राष्ट्रीय किसान मोर्चा द्वारा आयोजित इस परिषद की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष दीपक इंगले-पाटिल ने की। इस अवसर पर श्री इंगले-पाटिल ने जन प्रतिनिधियों को चुनौती देते हुए कहा कि यदि वे शक्तिपीठ महामार्ग का विरोध करने वाले किसानों के साथ खड़े नहीं हो सकते, तो उन्हें अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य विधानमंडल में इस मुद्दे पर आवाज उठाना अनिवार्य है। साथ ही, उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे प्रत्येक ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर ऐसे जनप्रतिनिधियों का बहिष्कार करें और उन्हें गांवों में प्रवेश करने से रोकें।
पूर्व विधायक संपतबापू पाटिल ने इस आंदोलन को और तेज करने का संकेत देते हुए कहा कि अब सड़क पर उतरकर लड़ाई लड़ने का समय आ गया है। उन्होंने उपस्थित किसानों से आग्रह किया कि जब तक सरकार इस परियोजना को पूरी तरह से रद्द नहीं कर देती, तब तक कोई भी समझौता न किया जाए। इस किसान जागृति परिषद में मोर्चा के प्रभारी सुरेश थोरात, जनता दल के वसंतराव पाटिल, स्वाभिमानी शेतकरी संगठन के जिला अध्यक्ष अजीत पोवार, शरद पाडळकर और राहुल कांबले सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। यह आयोजन स्पष्ट करता है कि स्थानीय स्तर पर शक्तिपीठ महामार्ग के खिलाफ विरोध के स्वर अब और अधिक मुखर हो रहे हैं और किसान अपनी जमीनों के संरक्षण के लिए एक निर्णायक संघर्ष की ओर बढ़ रहे हैं।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
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