राजस्थान पंचायती राज एवं माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष शेरसिंह चौहान के आह्वान पर शिक्षकों की विभिन्न लंबित मांगों को लेकर 20 जुलाई 2026 को प्रदेशभर के जिला मुख्यालयों पर शिक्षक महा-आंदोलन (द्वितीय चरण) आयोजित किया जाएगा। आंदोलन के तहत जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा।

खेरवाड़ा में संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि सरकार के समक्ष लंबे समय से लंबित शिक्षकों की विभिन्न मांगों के समाधान के लिए यह आंदोलन आयोजित किया जा रहा है। जिला अध्यक्ष द्वितीय अरविंद कुमार मीणा खेरवाड़ा ने बताया कि आंदोलन की प्रमुख मांगों में तृतीय श्रेणी स्थानांतरण, लंबित डीपीसी, वेतन संरक्षण एवं रिकवरी पर रोक, रीट अनिवार्यता से राहत, विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण के लिए बजट जारी करना, पेंशन, जीपीएफ, सरेंडर लीव सहित अन्य बकाया भुगतानों का निस्तारण तथा स्टाफिंग पैटर्न के अनुरूप शिक्षकों की नियुक्ति शामिल हैं।

संघ ने प्रदेश के सभी शिक्षकों से 20 जुलाई को अपने-अपने जिला मुख्यालय पर अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर शिक्षक महा-आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है, ताकि शिक्षकों की जायज मांगों के निराकरण के लिए सरकार पर सकारात्मक दबाव बनाया जा सके।

संघ का कहना है कि यदि समय रहते शिक्षकों की मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को आगे और व्यापक रूप दिया जाएगा। शिक्षकों के सम्मान, शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण तथा विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी शिक्षकों से एकजुट होकर आंदोलन में सहभागिता निभाने का आह्वान किया गया है।

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

Dinesh Kumar Jain, Kherwara(Udaipur)

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