राधानगरी: राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज के विचारों को आत्मसात करते हुए कोल्हापुर की पावन भूमि को विकास की नई दिशा देने का संकल्प आज राधानगरी धरण स्थल पर आयोजित एक भव्य समारोह में लिया गया। शाहू महाराज की 152वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में हजारों की संख्या में शाहूप्रेमी उमड़ पड़े, जिससे पूरा परिसर महाराज के जयघोष से गुंजायमान हो उठा।

कार्यक्रम का शुभारंभ शाहू ग्रुप के अध्यक्ष राजे समरजितसिंह घाटगे और राजे बैंक की अध्यक्ष सौ. नवोदितादेवी घाटगे की उपस्थिति में राधानगरी धरण पर पारंपरिक जलपूजन के साथ हुआ। बारा बलुतेदार दंपतियों के साथ जलकलश लेकर निकाली गई शोभायात्रा ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच राजर्षि शाहू महाराज की प्रतिमा का जलाभिषेक किया गया और पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित भी किया गया।

समारोह को संबोधित करते हुए राजे समरजितसिंह घाटगे ने कहा कि राधानगरी का यह जयंती समारोह अब केवल एक उत्सव न रहकर एक लोकोत्सव का रूप ले चुका है। उन्होंने शाहू महाराज की दूरदर्शी जल और कृषिनिति का स्मरण करते हुए कहा कि आधुनिक युग में ठिबक सिंचाई, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सौर ऊर्जा और उन्नत तकनीक के माध्यम से कृषि उत्पादन बढ़ाना ही समय की मांग है। उन्होंने आगे कहा कि राजे बैंक और शासन के माध्यम से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने के साथ ही, सौ. नवोदितादेवी घाटगे के मार्गदर्शन में महिला सक्षमीकरण के लिए विशेष उपक्रम चलाए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान निगवे स्थित शिवछत्रपती मर्दानी अखाड़ा के कलाकारों ने अत्यंत साहसी और थरारक मर्दानी खेलों का प्रदर्शन कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस कार्यक्रम का संयोजन संभाजी आरडे ने किया, जबकि स्वप्निल जरग ने आभार व्यक्त किया।

राजे समरजितसिंह घाटगे ने अपने संबोधन में 'शाहू धर्म' की व्याख्या करते हुए कहा कि छत्रपति शाहू महाराज ने अपने कार्यकाल में सामाजिक न्याय, शिक्षा, कृषि, कला और खेल जैसे क्षेत्रों में कोल्हापुर रियासत को देश में अग्रणी स्थान दिलाया था। उन्होंने कहा कि शोषित और सर्वसामान्य जनता के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले महाराज के विचारों और कार्यों को अपनी कृतियों के माध्यम से आगे बढ़ाना ही सच्चा 'शाहू धर्म' है।

इस जयंती समारोह की पूर्वपीठिका के रूप में कसबा बावडा स्थित महाराज के जन्मस्थान से एक भव्य 'समता रॅली' निकाली गई, जिसका उद्घाटन यशराजे घाटगे ने किया। हजारों मोटरसाइकिल सवारों की यह रॅली राधानगरी तक पहुँची, जिसका रास्ते भर विभिन्न गाँवों में उत्साहपूर्ण स्वागत हुआ। यह रॅली शाहू महाराज के विचारों का जनमानस में प्रसार करने का एक सशक्त माध्यम बनी, जिसने इस पूरे आयोजन को एक ऐतिहासिक गरिमा प्रदान की।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

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सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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