लातूर में सियासी भूचाल: कांग्रेस से गठबंधन की उम्मीदें टूटीं, जिला परिषद और पंचायत चुनाव में वंचित बहुजन आघाडी का 'एकला चलो रे' का ऐलान
लातूर में वंचित बहुजन आघाडी ने कांग्रेस से गठबंधन तोड़कर जिला परिषद की 12 और पंचायत समिति की 25 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। महासचिव संतोष सूर्यवंशी ने मुफ्त शिक्षा, किसान सहायता और घरकुल योजना जैसे बड़े वादों के साथ चुनावी बिगुल फूँक दिया है। जिले की पूरी राजनीतिक रिपोर्ट और उम्मीदवारों की जानकारी यहाँ पढ़ें।

लातूर। महाराष्ट्र की सियासत में अपनी अलग पहचान रखने वाले लातूर जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी राजनीतिक खबर सामने आ रही है। आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों को लेकर चली आ रही गठबंधन की अटकलों पर पूर्णविराम लगाते हुए वंचित बहुजन आघाडी (VBA) ने हुंकार भर दी है। लंबे समय तक चली खींचतान और कांग्रेस के साथ बेनतीजा रही बातचीत के बाद, पार्टी ने अब 'स्वबल' (अपने दम पर) चुनावी रण में उतरने का साहसिक फैसला लिया है। यह घोषणा न केवल लातूर की स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर रही है, बल्कि आगामी चुनावों के समीकरणों को भी पूरी तरह बदलने की क्षमता रखती है।
मंगलवार शाम को होटल रसिका में आयोजित एक खचाखच भरी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वंचित बहुजन आघाडी के मराठवाड़ा महासचिव संतोष सूर्यवंशी ने आधिकारिक तौर पर इस फैसले की पुष्टि की। उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी जिला परिषद के 12 समूहों और जिले की विभिन्न पंचायत समितियों के 25 क्षेत्रों में अपने उम्मीदवार बरकरार रखेगी। सूर्यवंशी ने कांग्रेस नेतृत्व पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि गठबंधन के लिए नामांकन वापसी के अंतिम समय तक प्रयास किए गए थे, लेकिन कांग्रेस का रवैया सम्मानजनक नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस उन सीटों को वंचित बहुजन आघाडी के लिए छोड़ना चाहती थी जहाँ उसकी खुद की जमीन खिसक चुकी है, जैसे तंबाला, खरोसा और मुरुड। ऐसे में एक स्वाभिमानी राजनीतिक शक्ति के रूप में पार्टी ने किसी के सामने झुकने के बजाय अकेले चुनाव लड़ना ही उचित समझा।
इस प्रेस वार्ता में संतोष सूर्यवंशी ने पार्टी का विजन साझा करते हुए एक बेहद आक्रामक और लोक-लुभावन चुनावी एजेंडा भी पेश किया। उन्होंने सरकारी स्कूलों को बंद कर उनकी जमीनें अपनी संस्थाओं के नाम करने वाले 'शिक्षा माफियाओं' पर लगाम लगाने का संकल्प लिया। पार्टी ने वादा किया है कि वे सत्ता में आने पर सामान्य वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और मुफ्त शिक्षा प्रदान करेंगे, किसानों के खेतों तक खाद और बीज मुफ्त पहुँचाएंगे, और 'घरकुल' योजना के तहत 5 लाख रुपये की सहायता देंगे। इसके अलावा, खेत मजदूरों के लिए रोजगार के नए अवसर और कुएं खोदने के लिए किसानों के बैंक खातों में सीधे सब्सिडी देने जैसे क्रांतिकारी कदम उठाने की बात कही गई है।
सबसे तीखा हमला सूर्यवंशी ने कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) पर किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि ये दल श्रद्धेय प्रकाश आंबेडकर और पार्टी के नाम का इस्तेमाल कर जनता में भ्रम फैलाना बंद करें। उन्होंने कहा कि बिना गठबंधन हुए नाम का इस्तेमाल करना उनकी अपनी कमजोरी दर्शाता है और वंचित बहुजन आघाडी का कांग्रेस को कहीं भी समर्थन नहीं है। इस महत्वपूर्ण घोषणा के समय लातूर जिला निरीक्षक सिद्धोधन सावंत, जिला महासचिव एड. रोहित सोमवंशी, महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष मंजूषा निंबाळकर, शहर महासचिव आकाश इंगळे, युवा जिलाध्यक्ष गायकवाड, डॉ. विजय अजनीकर, डॉ. हिरालाल निंबाळकर और प्रा. प्रशांत उघाडे सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे। लातूर का यह चुनावी संग्राम अब एक बहुकोणीय मुकाबले में तब्दील हो चुका है, जहाँ वंचित बहुजन आघाडी ने अपनी ताकत के बल पर सत्ता की चाबी हासिल करने का दावा ठोक दिया है।

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