पिपर्डा गांव में सड़कों की दुरावस्था; अप्रोच रोड के लिए निधि की मांग
आदर्श गांव पिपर्डा में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रदेश सहसचिव आबिद अली ने पालकमंत्री और विधायक से सीमेंट कंक्रीट रोड की मांग की।

कोरपना के अंतर्गत आने वाले आदर्श ग्राम पिपर्डा में पिछले पांच वर्षों से बदहाल पड़ी मुख्य अप्रोच रोड और जलजमाव की स्थिति, जिसे सुधारने हेतु प्रशासन से गुहार लगाई गई है।
कोरपना प्रतिनिधि: कभी आदर्श गांव, स्वच्छ गांव और सुंदर गांव जैसे नाना सम्मानों से नवाजे गए पिपर्डा गांव की स्थिति आज इसके विपरीत हो चुकी है। पिछले पांच वर्षों में इस आदर्श गांव की छवि कलंकित हुई है और गांव में दुरावस्था का चित्र स्पष्ट दिखाई दे रहा है। वर्तमान में स्थिति यह है कि पिछले छह महीनों से गांव की नल योजना पूरी तरह बंद पड़ी है। ग्रामीणों के शारीरिक विकास के लिए दस लाख रुपये की निधि खर्च कर व्यायामशाला का साहित्य उपलब्ध कराया गया था, लेकिन ग्राम पंचायत की भारी लापरवाही के कारण यह संपूर्ण साहित्य आज धूल खा रहा है।
सड़कों की जर्जर हालत और जलजमाव
गांव के भीतर की सड़कों पर जगह-जगह बड़े गड्ढे हो गए हैं और उचित निकासी न होने के कारण नालियों का गंदा पानी सड़कों पर जमा हो रहा है। पिपर्डा गांव को जोड़ने वाला मुख्य अप्रोच रोड पूरी तरह से उखड़ चुका है, जिसकी गिट्टियां बाहर निकल आने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों का आवागमन अत्यंत कष्टदायक और खतरनाक हो गया है। इस गंभीर समस्या को लेकर पूर्व में निर्माण राज्य मंत्री इंद्रनील नाईक ने संबंधित विभाग को इस मार्ग के सीमेंट कंक्रीट कार्य को मंजूरी देने और उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
डामरीकरण की विफलता और कंक्रीट रोड की आवश्यकता
उल्लेखनीय है कि इस मार्ग पर पहले भी दो बार डामरीकरण का कार्य किया जा चुका है, परंतु यह क्षेत्र सिंचन क्षेत्र (Irrigated Area) में आने के कारण जमीन में हमेशा ओलावा बना रहता है। अत्यधिक नमी और भारी यातायात के कारण डामर की सड़कें बार-बार उखड़कर गड्ढों में तब्दील हो रही हैं। इसी तकनीकी समस्या को देखते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रदेश सहसचिव आबिद अली ने मांग की है कि "सिंचन क्षेत्र में ओलाव्यामुळे अनेक वेळा वाहतुकीने रस्ता खड्डेमय होत असल्याने सिमेंट काँक्रीटचा रस्ता बांधकाम करण्यासाठी निधी उपलब्ध करून द्यावा।"
प्रशासन और मंत्रियों से विशेष गुहार
आबिद अली ने इस संबंध में जिले के पालकमंत्री प्रो. अशोकराव उईके और विधायक देवराव भोंगळे से तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की है। चूंकि यह गांव आदिवासी बहुल पेसा (PESA) क्षेत्र के अंतर्गत आता है और औद्योगिक क्षेत्र की 15 किलोमीटर की परिधि में स्थित है, इसलिए खनिज विकास निधि या राज्य निधि के माध्यम से इस कच्ची और जर्जर सड़क को पक्का सीमेंट कंक्रीट का मार्ग बनाने की मंजूरी दी जानी चाहिए। ग्रामीणों की इन बुनियादी समस्याओं का समाधान न होने से प्रशासन के प्रति भारी रोष व्याप्त है।

Pratahkal Bureau
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