शिरपुर तालुका के पिंप्री गांव ने सामाजिक एकता, शांति और ग्राम विकास के क्षेत्र में अलग मिसाल कायम की है। पिछले चालीस वर्षों से ग्राम पंचायत का चुनाव निर्विरोध होना और वर्ष 2011 में तंटामुक्त गांव का पुरस्कार मिलना पिंप्रीवासियों की एकजुटता के उदाहरण हैं। ऐसे आदर्श गांव में ‘एक गांव, एक गणपति’ की संकल्पना के तहत विराजमान गणराय की आरती करने का अवसर मिलने पर विशेष खुशी हो रही है, ऐसा प्रतिपादन शिरपुर के नगराध्यक्ष चिंतनभाई पटेल ने किया।

पिंप्री में युवा प्रतिष्ठान की ओर से इस वर्ष पहली बार ‘एक गांव, एक गणपति’ की संकल्पना के तहत गणराय की स्थापना की गई है। मंडल का यह पहला वर्ष होने के बावजूद विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों ने आरती का मान स्वीकार किया है। शुक्रवार, 19 सितंबर को शाम की आरती का मान ग्रामवासियों की ओर से शिरपुर के नगराध्यक्ष चिंतनभाई पटेल को दिया गया। इस अवसर पर थालनेर के प्रथम लोकनियुक्त सरपंच प्रशांत पाटील और सावळदे के सरपंच सचिन राजपूत ने भी गणराय की आरती की।

इस दौरान थालनेर के महेंद्र बाविस्कर, राकेश पाटील, रवि तंवर, आमोद्याचे माजी सरपंच राज देशमुख, भाजपा शिरपुर तालुका युवा अध्यक्ष संदिप कुंवर, पिंप्री के सरपंच महेंद्र सिसोदिया, पुलिस पाटील जयपालसिंह गिरासे, पूर्व सरपंच प्रविण राजपूत, आर.डी. पाटील, वासुदेव गिरासे, संजय धनगर, पूर्व सरपंच किशोर पाटील, भारत राजपूत, जितेंद्र कोळी, विविध कार्यकारी सेवा सोसायटी के उपाध्यक्ष युवराज धनगर, ग्राम पंचायत सदस्य रणजित इंद्रसिंग सिसोदिया सहित युवा प्रतिष्ठान पिंप्री के मनोज राजपूत, स्वप्निल राजपूत, अनिल गिरासे, रितेश राजपूत, राज गिरासे, राकेश गिरासे, लवेन पवार, योगेश गिरासे, प्रमोद गिरासे, हरीश राजपूत, नरेश कोळी, प्रतिक राजपूत तथा विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी पंडितसिंग राजपूत, प्रल्हादसिंग राजपूत, महेंद्र गिरासे, गोटूनाना राजपूत और भुरा राजपूत सहित अन्य उपस्थित थे।

आरती के बाद महाप्रसाद का वितरण किया गया। गांव के बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक बड़ी संख्या में लोगों ने महाप्रसाद का लाभ लिया।

पिंप्री के सरपंच महेंद्र सिसोदिया ने कहा, “एक गांव, एक गणपति की संकल्पना गांव की एकजुटता और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक है। इस पहल के कारण गांव के सभी समाज घटक एक साथ आकर भाईचारे की भावना को और मजबूत कर रहे हैं। ग्राम विकास के लिए इसी तरह एकजुटता और सामूहिक सहभागिता बनी रहे, यही अपेक्षा है।”

पुलिस पाटील जयपालसिंह गिरासे ने कहा, “एक गांव, एक गणपति के कारण उत्सव में भक्ति के साथ अनुशासन, शांति और सामाजिक प्रतिबद्धता भी जुड़ती है। गणेशोत्सव को शांतिपूर्ण, आनंदमय और सभी की सहभागिता के साथ मनाना ही वास्तविक परंपरा है। ग्रामवासियों के सहयोग से इस वर्ष का गणेशोत्सव आदर्श और प्रेरणादायी होगा, ऐसा विश्वास है।”

मंडल के अध्यक्ष मनोज राजपूत ने कहा, “एक गांव, एक गणपति केवल गणेशोत्सव की संकल्पना नहीं है, बल्कि गांव को एकजुट करने वाला आंदोलन है। सभी ग्रामवासियों के सहयोग से धार्मिक उत्सव के साथ सामाजिक उपक्रमों को भी प्राथमिकता देने का हमारा प्रयास है। एकता, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव बनाए रखते हुए यह उत्सव आदर्श तरीके से मनाया जा रहा है।”

कार्यक्रम की सफलता के लिए युवा प्रतिष्ठान, एकता नवयुवक मित्र मंडल और वीर शिरोमणि महाराणा प्रतापसिंह मित्र मंडल के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने परिश्रम किया। पिंप्री में ‘एक गांव, एक गणपति’ पहल के जरिए धार्मिक आयोजन के साथ सामाजिक एकता, भाईचारे और सामूहिक सहभागिता का संदेश सामने आया।

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