स्थायीकरण की मांग को लेकर CHOs का राष्ट्रव्यापी अभियान तेज, '#PermanentCHO' सोशल मीडिया पर बना बड़ा मुद्दा
योग दिवस पर देशभर के कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स ने '#PermanentCHO' अभियान चलाकर स्थायीकरण और स्वतंत्र कैडर की मांग को जोरदार तरीके से उठाया। सरकार से संवाद न होने पर संगठन ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

AIACHO के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनस के नेतृत्व में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स ने स्थायीकरण और स्वतंत्र कैडर की मांग को लेकर सोशल मीडिया मंच एक्स पर राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन अभियान शुरू किया है।
देशभर में स्वास्थ्य सेवाओं की अग्रिम पंक्ति में कार्यरत कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स (CHO) ने अपनी लंबित मांगों को लेकर केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर ‘ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स’ (AIACHO) के नेतृत्व में चलाया गया ‘#PermanentCHO’ अभियान सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं निदेशक डॉ. अनस के नेतृत्व में शुरू किए गए इस ऑनलाइन अभियान में देशभर के हजारों कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स ने भाग लिया। संगठन का कहना है कि लंबे समय से लंबित मांगों पर सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण अब CHOs के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में सोशल मीडिया के माध्यम से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया गया।
डॉ. अनस ने बताया कि संगठन की प्रमुख मांगों में देशभर के सभी कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स को स्थायी दर्जा प्रदान करना, CHOs के लिए एक स्वतंत्र कैडर का गठन सुनिश्चित करना तथा केंद्र सरकार और संगठन के प्रतिनिधियों के बीच आधिकारिक बैठक आयोजित कर मांगों पर लिखित आश्वासन देना शामिल है। उनका कहना है कि स्वतंत्र संवर्ग के गठन से CHOs की सेवा शर्तों और भविष्य की कार्यप्रणाली को स्पष्ट दिशा मिल सकेगी।
संगठन के अनुसार पिछले तीन-चार वर्षों से विभिन्न माध्यमों के जरिए सरकार के समक्ष इन मुद्दों को लगातार उठाया जा रहा है। डॉ. अनस ने कहा कि पूर्व केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के कार्यकाल में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स के हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए थे तथा ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ (पूर्व में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) के संचालन को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए थे।
हालांकि, संगठन का दावा है कि वर्तमान केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के कार्यभार संभालने के बाद अब तक उनकी संगठन के प्रतिनिधियों से कोई औपचारिक मुलाकात नहीं हो पाई है। एसोसिएशन का कहना है कि कई बार ईमेल और पत्राचार के माध्यम से समय मांगा गया, लेकिन अब तक बैठक संभव नहीं हो सकी। इसी कारण संगठन ने स्वास्थ्य मंत्री तक अपनी बात पहुंचाने और समस्याओं के समाधान की दिशा में संवाद स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
इस बीच संगठन ने स्पष्ट किया है कि कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ आम जनता को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं तथा वे स्वास्थ्य व्यवस्था को प्रभावित नहीं करना चाहते। इसके बावजूद यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं होती है, तो भविष्य में कामबंद आंदोलन और व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन जैसे कदम उठाने पर विचार किया जा सकता है।
देश की प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी माने जाने वाले कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर्स का यह अभियान अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। ऐसे में केंद्र सरकार और संगठन के बीच संभावित संवाद तथा मांगों पर होने वाले आगामी निर्णयों पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
