Parbhani Yashwadi Devasthan temple accident : महाराष्ट्र के परभणी जिले से एक बेहद हृदयविदारक और स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आई है, जहां आस्था के एक बड़े केंद्र में अचानक मौत का तांडव देखने को मिला। जिले के मानवत तालुका स्थित सुप्रसिद्ध यशवाड़ी देवस्थान में शनिवार को एक भीषण हादसा हो गया, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ स्थित विख्यात हनुमान मंदिर के गर्भगृह के ठीक सामने बन रहे एक विशाल निर्माणाधीन सभा मंडप की भारी-भरकम छत अचानक भरभराकर सीधे श्रद्धालुओं के ऊपर गिर गई। इस अप्रत्याशित और भयानक हादसे से पूरे मंदिर परिसर में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। इस मलबे के नीचे दबने के कारण अब तक 7 श्रद्धालुओं की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि 32 से अधिक लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। इस बड़ी मानवीय त्रासदी ने स्थानीय प्रशासन से लेकर राज्य के राजनीतिक गलियारों तक हड़कंप मचा दिया है।

जमीनी स्तर पर इस दुखद घटनाक्रम के विवरण की पड़ताल करें तो यह हादसा उस समय हुआ जब शनिवार का पावन दिन होने के कारण मंदिर परिसर में हजारों की संख्या में श्रद्धालु संकटमोचन के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए एकत्र हुए थे। जैसे ही दोपहर के समय सभा मंडप का कंक्रीट का ढांचा ढहा, वहां मौजूद लोगों को संभलने का एक पल भी मौका नहीं मिला। विशालकाय मलबे और लोहे के सरियों के बीच दर्जनों भक्त जिंदा दफन हो गए। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग और स्थानीय पुलिस की टीमें तुरंत हरकत में आईं और युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। मौके पर एंबुलेंसों का काफिला और डॉक्टरों की विशेष मेडिकल टीमें तैनात की गई हैं, जो मलबे से निकाले जा रहे लोगों को तुरंत जीवन रक्षक प्रणाली मुहैया करा रही हैं।

इस रेस्क्यू ऑपरेशन को गति देने और विधिक व प्रशासनिक समन्वय स्थापित करने के लिए क्षेत्र के आला अधिकारियों ने घटनास्थल पर ही डेरा डाल दिया है। मलबे में अभी भी कई श्रद्धालुओं के फंसे होने की आशंका व्यक्त की जा रही है, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए भारी मशीनरी और कटर का इस्तेमाल किया जा रहा है। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए 32 श्रद्धालुओं को आपातकालीन स्थिति में परभणी जिला सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कई मरीजों की हालत अत्यंत नाजुक बनी हुई है। हालांकि, स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अभी हताहतों के अंतिम आंकड़ों की आधिकारिक विधिक पुष्टि होना बाकी है, क्योंकि प्राथमिकता केवल और केवल मलबे के नीचे दबी सांसों को सुरक्षित बाहर निकालने की है।

इस भीषण हादसे की गंभीरता को देखते हुए राजनीतिक और प्रशासनिक अमला पूरी तरह सक्रिय हो गया है। परभणी की गार्जियन मिनिस्टर मेघना बोर्डिकर ने इस पूरी घटना का कड़ा संज्ञान लिया है और वे पोर्ट ब्लेयर से लेकर मुंबई तक के नियंत्रण कक्षों के माध्यम से स्थिति पर बारीक नजर रख रही हैं। उन्होंने तुरंत परभणी के जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) से सीधा विधिक संपर्क स्थापित कर घटनास्थल पर अत्याधुनिक राहत उपकरण और बड़ी क्रेनें भेजने के कड़े प्रशासनिक निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के विधायक राजेश विटेकर सहित जिले के तमाम शीर्ष जनप्रनिधियों ने भी प्रशासनिक अमले से मिलकर बचाव कार्य की गति को तेज करने और घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने का दबाव बनाया है।

अंततः, यशवाड़ी देवस्थान में हुआ यह भयानक हादसा धार्मिक स्थलों पर चल रहे निर्माण कार्यों की विधिक सुरक्षा ऑडिट और ढांचागत मजबूती पर एक बहुत बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है। एक पावन दिन पर दर्शन करने आए निर्दोष श्रद्धालुओं की मौत की इस त्रासदी ने पूरे महाराष्ट्र को गहरे शोक में डुबो दिया है। यह घटना इस बात की गंभीर चेतावनी है कि भविष्य में ऐसे सार्वजनिक और धार्मिक निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों की अनदेखी कितनी आत्मघाती साबित हो सकती है, और आने वाले समय में इस चूक के जिम्मेदार चेहरों के खिलाफ कड़ी कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई होना पूरी तरह तय माना जा रहा है।

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Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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