बहुमंजिला भवन परियोजना में फ्लैट और व्यावसायिक गालों की बिक्री के नाम पर ग्राहकों से करोड़ों रुपये की कथित ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस प्रकरण में ग्राहकों से प्राप्त 1 करोड़ 16 लाख 66 हजार रुपये की राशि के कथित गबन के आरोप में पंचवटी पुलिस थाने में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने एक निर्माण कंपनी के नाम से कथित तौर पर फर्जी लेटरहेड और रसीद पुस्तिकाएं तैयार कीं तथा ग्राहकों से फ्लैट और व्यावसायिक गालों की बिक्री के नाम पर रकम वसूल की। आरोप है कि यह राशि कंपनी के खाते में जमा किए जाने के बजाय अन्यत्र जमा कर उसका दुरुपयोग किया गया।

इस मामले में निर्माण कंपनी के भागीदार शैलेन्द्र दत्तात्रय सालुंखे की शिकायत पर प्रीतम राजेंद्र दाणी, नीलम प्रीतम दाणी, श्रीकांत जगन्नाथ गटकल उर्फ पाटील तथा रामेश्वर दत्तात्रय सालुंखे के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

मामले का खुलासा तब हुआ जब 11 जून 2026 को एक महिला ग्राहक कंपनी के मुख्य कार्यालय पहुंची और फ्लैट खरीदने के लिए जमा की गई राशि के संबंध में जानकारी मांगी। जांच के दौरान पता चला कि ग्राहक के व्यक्तिगत बैंक खाते में पांच लाख रुपये ऑनलाइन स्थानांतरित किए गए थे, जबकि अतिरिक्त पांच लाख रुपये नकद लिए गए थे। ग्राहक को कंपनी के नाम से जारी प्रतीत होने वाले कथित फर्जी लेटरहेड और रसीदें भी प्रदान की गई थीं।

इस घटना के बाद कंपनी ने अन्य लेन-देन की जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि कई ग्राहकों से इसी प्रकार धनराशि प्राप्त की गई थी और कुल 1 करोड़ 16 लाख 66 हजार रुपये का कथित अपहार किया गया। आरोप है कि ग्राहकों से ली गई राशि कंपनी में जमा न कर निजी लाभ के लिए इस्तेमाल की गई।

पुलिस जांच के अनुसार, संबंधित परियोजना में फ्लैट और व्यावसायिक गालों की बिक्री एवं मार्केटिंग के लिए जनवरी 2023 में कमीशन आधारित समझौता किया गया था। इस समझौते के तहत आरोपियों को ग्राहकों से संपर्क करने और आवश्यक दस्तावेज मुख्य कार्यालय तक पहुंचाने का अधिकार दिया गया था, लेकिन ग्राहकों से सीधे भुगतान लेने की अनुमति नहीं थी।

इसके बावजूद आरोप है कि मुख्य बिल्डर का विश्वास जीतकर आरोपियों ने ग्राहकों को गुमराह किया और धनराशि अपने नियंत्रण में ली। जांच में यह भी सामने आया है कि कथित रूप से इस रकम का उपयोग सोना खरीदने और अपने नाम पर संपत्तियां खरीदने में किया गया। पंचवटी पुलिस मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।

यह मामला रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और वित्तीय निगरानी की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करता है। पुलिस जांच के निष्कर्षों पर अब सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि इस कथित हेराफेरी से बड़ी संख्या में ग्राहकों के हित प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

Pratahkal Bureau

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