पालघर में बारिश का कहर: बाढ़ से एक की मौत, NDRF की अतिरिक्त टीम मांगी गई
पालघर में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, एक व्यक्ति की मौत और सैकड़ों लोग फंसे। दहानू व तलासरी में हालात गंभीर, प्रशासन ने अतिरिक्त NDRF टीम की मांग की और बचाव अभियान तेज किया।

तस्वीर में पालघर जिले के एक बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में भारी जलभराव और बारिश का दृश्य दिखाई दे रहा है।
महाराष्ट्र के पालघर जिले में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है, जिससे सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है और बचाव अभियान में भी मुश्किलें आ रही हैं। भारी रातभर की बारिश के बाद जिले के कई कस्बे और गांव जलमग्न हो गए, जबकि सैकड़ों लोग प्रभावित क्षेत्रों में फंस गए हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं।
पालघर जिला कलेक्टर इंदु रानी जाखड़ ने बताया कि भारी बारिश के बीच एक व्यक्ति की बाढ़ के पानी से भरे नाले में मौत हो गई। मृतक की पहचान रिपोर्ट तैयार होने तक नहीं हो सकी थी। प्रशासन घटना की जांच कर रहा है और जिलेभर में राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
बाढ़ की स्थिति गंभीर होने के बाद जिला प्रशासन ने महाराष्ट्र सरकार से अतिरिक्त एनडीआरएफ टीम तैनात करने का अनुरोध किया है। इंदु रानी जाखड़ ने पीटीआई से बातचीत में कहा, "एक एनडीआरएफ टीम पहले से ही जिले में तैनात है और बचाव कार्यों में जुटी हुई है। हमने अभियान को मजबूत करने के लिए एक और टीम मांगी है।"
उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित लोगों की सहायता के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों को जुटाया जा रहा है।
जिला प्रशासन के अनुसार, दहानू और तलासरी तालुका में भारी बारिश का सबसे अधिक असर देखने को मिला है। दहानू शहर के बड़े हिस्से और तलासरी के कई गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है। कलेक्टर ने कहा, "बड़े स्तर पर बचाव और राहत अभियान शुरू किया गया है। कई इलाकों में स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है।"
बढ़ते जलस्तर के कारण सैकड़ों लोग फंस गए हैं और कई लोगों ने अपने घरों की ऊपरी मंजिलों पर शरण ली है।
इंदु रानी जाखड़ ने बताया कि तेज बहाव और व्यापक जलभराव के कारण बचाव दलों को फंसे हुए लोगों तक पहुंचने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, "कुछ स्थानों पर लोग अपने घरों की पहली मंजिल पर फंसे हुए हैं। उन्हें पानी का स्तर कम होने के बाद ही बाहर निकाला जा सकता है।" उन्होंने यह भी कहा कि कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में एनडीआरएफ कर्मियों को भी परेशानी हो रही है।
पालघर आपदा प्रबंधन सेल के प्रमुख विवेकानंद कदम ने बताया कि लगातार बारिश के कारण दहानू और तलासरी लगभग कट गए हैं। मसवान और सारावली समेत कई सड़कों पर पानी भर गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है और राहत कार्यों में देरी हो रही है।
विवेकानंद कदम ने कहा, "हमारी बचाव टीमें लोगों को निकालने के लिए मौके पर काम कर रही हैं। फंसे हुए लोगों तक भोजन के पैकेट तभी पहुंचाए जा सकते हैं, जब बाढ़ का पानी इतना कम हो जाए कि वहां पहुंचना संभव हो सके।"
लगातार खराब मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने गुरुवार को पालघर जिले के सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया। इंदु रानी जाखड़ ने कहा, "अभी तक कोई बड़ी अप्रिय घटना नहीं हुई है, लेकिन बड़ी संख्या में लोग अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं। हमारी तत्काल प्राथमिकता उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना है।"
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थिति सामान्य होने तक आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।
भारी बारिश का असर पड़ोसी ठाणे जिले में भी देखने को मिला, जहां कई स्थानों पर पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के अधिकारियों के अनुसार, गिरे हुए पेड़ों से कई वाहनों और घरों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, इन घटनाओं में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
ठाणे नगर निगम के क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन सेल द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, गुरुवार सुबह 8:30 बजे समाप्त हुए 24 घंटे की अवधि में ठाणे शहर में 99.32 मिमी बारिश दर्ज की गई। क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन सेल के प्रमुख यासीन तडवी के अनुसार, मौजूदा मानसून सीजन में शहर में कुल बारिश 1,893.78 मिमी तक पहुंच गई है, जो पिछले साल इसी अवधि में दर्ज 1,270.48 मिमी बारिश से काफी अधिक है।

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