Raj Thackeray Uddhav Thackeray meet : महाराष्ट्र की राजनीति में 'ठाकरे ब्रांड' का जादू एक बार फिर सिर चढ़कर बोल रहा है। शनिवार को एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे एक साथ एक ही मंच पर नजर आए। सालों की कड़वाहट और सियासी खींचतान के बीच दोनों भाइयों की इस केमिस्ट्री ने राज्य के राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है।

पुरानी यादें और राज का इमोशनल बयान :

मंच पर संबोधन के दौरान राज ठाकरे ने अपने उस चर्चित फैसले को याद किया, जिसने 2006 में महाराष्ट्र की राजनीति को हिलाकर रख दिया था। उन्होंने कहा, "जब मैंने शिवसेना छोड़ी थी, तब मैं पार्टी के खिलाफ नहीं था, बल्कि उन परिस्थितियों के खिलाफ था जिन्होंने मुझे मजबूर किया। मेरे मन में बालासाहेब और उद्धव के प्रति आदर कभी कम नहीं हुआ।"

इशारों-इशारों में बहुत कुछ कह गए राज :

राज ठाकरे ने स्पष्ट किया कि भले ही उनके राजनीतिक रास्ते अलग हों, लेकिन ठाकरे परिवार की विरासत एक ही है। उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में दिए गए इस बयान के कई मायने निकाले जा रहे हैं:

  • पारिवारिक एकजुटता: क्या यह भविष्य में किसी राजनीतिक गठबंधन का संकेत है?
  • मजबूत विपक्ष: क्या दोनों भाई मिलकर महायुति को चुनौती देने की तैयारी में हैं?
  • मराठी मानुस: क्या 'ठाकरे कार्ड' के जरिए फिर से मराठी वोट बैंक को साधने की कोशिश है?
Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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