पुरानी पेंशन की मांग पर 6 जुलाई को आजाद मैदान में ‘भीक मांगो’ आंदोलन, सेवानिवृत्त शिक्षकों ने सरकार को चेताया
पुरानी पेंशन की मांग को लेकर 6 जुलाई को मुंबई के आजाद मैदान में सेवानिवृत्त शिक्षक ‘भीक मांगो’ आंदोलन करेंगे। नागपुर खंडपीठ के फैसले के तत्काल पालन की मांग तेज।

तस्वीर में मंच पर बाएं से दाएं कई पदाधिकारी, अतिथि और पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित महिला सम्मान समारोह के दौरान एक व्यक्ति को प्रशस्ति पत्र प्रदान करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
वर्ष 2005 से पहले विनाअनुदानित संस्थानों में नियुक्त सेवानिवृत्त शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को अब तक पुरानी पेंशन का लाभ नहीं मिलने के विरोध में सोमवार (6 जुलाई) को मुंबई के आजाद मैदान में ‘भीक मांगो’ आंदोलन आयोजित किया जाएगा। यह जानकारी संगठन के राज्याध्यक्ष प्रो. विजय शिरोळकर ने दी।
प्रो. विजय शिरोळकर ने कहा कि अनेक सेवानिवृत्त शिक्षक किसी भी प्रकार की पेंशन से वंचित हैं, जिसके कारण उन्हें अत्यंत कठिन आर्थिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर मुद्दे की ओर राज्य सरकार और सर्वोच्च न्यायालय का ध्यान आकर्षित करने के उद्देश्य से इस आंदोलन का आयोजन किया गया है।
उन्होंने बताया कि पुरानी पेंशन की मांग को लेकर 11 जून 2026 को Bombay High Court की Nagpur Bench ने अपने निर्णय में वर्ष 2005 से पहले नियुक्त शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को पुरानी पेंशन देने के संबंध में स्पष्ट रुख अपनाया है। न्यायालय ने कहा है कि केवल 100 प्रतिशत अनुदान प्राप्त न होने के आधार पर वर्ष 1982 की पुरानी पेंशन योजना का लाभ नकारा नहीं जा सकता। संगठन ने मांग की है कि इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए तथा राज्य सरकार सर्वोच्च न्यायालय में सकारात्मक शपथपत्र प्रस्तुत करे।
संगठन के अनुसार, राज्य के अन्य सभी विभागों में वर्ष 2005 से पहले नियुक्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जा चुका है, जबकि शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों को अब तक इससे वंचित रखा गया है। संगठन का आरोप है कि इससे पहले भी कई आंदोलन किए गए, लेकिन शासन ने इस मुद्दे पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। संगठन ने यह भी कहा कि कई कर्मचारी सेवानिवृत्त होने के बाद बिना पेंशन के ही निधन हो चुके हैं, जिससे उनके परिवारों पर आर्थिक संकट आ गया है।
आंदोलन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए संगठन ने महाराष्ट्र के सभी सेवानिवृत्त शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों से अपने परिवार के साथ हाथ में कटोरा लेकर बड़ी संख्या में मुंबई के आजाद मैदान पहुंचने का आह्वान किया है।
इस अवसर पर संगठन के कार्याध्यक्ष प्रो. योगेश्वर निकम, उपाध्यक्ष प्रो. संपत कदम, सचिव भास्कर देशमुख, सहसचिव सुनील कांबळे, तानाजी शेळके सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
