धुले में जिलास्तरीय निपुण कार्यशाला संपन्न, 2026-27 तक जिले को निपुण बनाने का लक्ष्य
धुले में निपुण महाराष्ट्र अभियान के तहत जिलास्तरीय कार्यशाला संपन्न हुई। मुख्य कार्यकारी अधिकारी बाबासाहेब बेलदार ने 2026-27 तक जिले को निपुण बनाने का लक्ष्य रखते हुए शाला स्तर पर नियमित समीक्षा और प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया।

तस्वीर में धुले जिला परिषद के सभागृह में आयोजित 'निपुण महाराष्ट्र अभियान' की जिलास्तरीय कार्यशाला के दौरान मंच पर बैठे अधिकारी और सामने कुर्सियों पर बैठे शिक्षक व प्रतिभागी नजर आ रहे हैं।
धुले जिले को सन 2026-27 तक निपुण बनाने के लक्ष्य के साथ जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्था, धुले तथा शिक्षा विभाग, जिला परिषद की ओर से “निपुण महाराष्ट्र अभियान” के अंतर्गत जिले की संपूर्ण पर्यवेक्षीय शैक्षणिक व्यवस्था के लिए एकदिवसीय जिलास्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। बुधवार (दि. 13) को जिला परिषद के कै. यशवंतराव चव्हाण सभागृह में आयोजित कार्यशाला की अध्यक्षता जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बाबासाहेब बेलदार ने की।
केंद्र शासन के “निपुण भारत अभियान” के अंतर्गत राष्ट्रीय शैक्षिक नीति 2020 के अनुसार प्राथमिक स्तर पर भाषाई एवं गणितीय कौशल विकसित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसके तहत प्राथमिक स्तर पर प्रत्येक बच्चे में बुनियादी साक्षरता एवं संख्याज्ञान विकसित करना महत्वपूर्ण है। प्रत्येक बालक को पढ़ने, लिखने, संख्याज्ञान तथा संख्याओं पर क्रियाएं करने का कौशल प्राप्त हो, इसके लिए “निपुण महाराष्ट्र अभियान” के अंतर्गत कृतिकार्यक्रम चलाया जा रहा है।
इसी पृष्ठभूमि में धुले जिले के शिक्षा विभाग की संपूर्ण पर्यवेक्षीय व्यवस्था के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी के मार्गदर्शन में इस एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में डायट प्राचार्य श्रीमती सुचेता पाटील और प्राथमिक शिक्षणाधिकारी डॉ. मनिष पवार का भी मार्गदर्शन मिला। इस अवसर पर जिलास्तरीय शिक्षा विभाग के अधिकारी, तालुकानिहाय गटशिक्षणाधिकारी, विस्तार अधिकारी तथा सभी केंद्रप्रमुख उपस्थित रहे।
कार्यशाला का उद्घाटन जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बाबासाहेब बेलदार ने किया। उद्घाटन के अवसर पर उन्होंने कहा कि जिले का प्रत्येक विद्यार्थी निपुण बने, इसके लिए पर्यवेक्षीय व्यवस्था को विशेष प्रयास करने चाहिए। उन्होंने शाला भ्रमण के दौरान निपुण अभियान की नियमित समीक्षा करने, कार्यशाला में निपुण से संबंधित विषयों पर विस्तार से चर्चा कर सभी शंकाओं का समाधान करने तथा अपने केंद्र में अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने का आह्वान किया।
कार्यशाला का प्रस्तावना एवं स्वागत तथा पूरे दिन के कार्यक्रम की योजना के संबंध में अधिव्याख्याता डॉ. वनमाला पवार ने जानकारी दी। विस्तार अधिकारी मनीषा वानखेडे ने संचालन किया। मनीषा वानखेडे ने “FLN शासन निर्णयों की जानकारी” विषय पर मार्गदर्शन दिया। डॉ. वनमाला पवार ने FLN के संबंध में जिले एवं तालुका की वर्तमान स्थिति का विश्लेषण, निपुण अभियान के संबंध में चालू वर्ष में की जा रही कार्रवाई तथा समूह कार्य के माध्यम से सभी केंद्रों के केंद्रप्रमुखों से उनके केंद्र की निपुण संबंधी वर्तमान स्थिति एवं आगामी कार्ययोजना की जानकारी ली। इस विषय पर उन्होंने विस्तृत मार्गदर्शन एवं प्रस्तुतीकरण किया।
विस्तार अधिकारी सुनील जाधव ने “निपुण महाराष्ट्र ऐप एवं तकनीकी पहलुओं” तथा “FLN डेटा का विश्लेषण कैसे करें” विषय पर दो सत्रों में प्रात्यक्षिक के साथ मार्गदर्शन दिया। “सुपर निपुण स्कूल शिक्षक अनुभव कथन” सत्र में एच.आर. पटेल गर्ल्स हाईस्कूल, शिरपुर के शिक्षक ठाकरे सर तथा जि.प. स्कूल गुंजाळ, तहसील साक्री के शिक्षक मुरलीधर चौरे ने अपनी-अपनी शालाओं में निपुण अभियान के सफल अनुभव उपस्थितों के समक्ष रखे। दोनों शिक्षकों के प्रस्तुतीकरण की सभागृह में तालियां बजाकर सराहना की गई।
माता पालक समूह के गठन के संबंध में प्रथम संस्था प्रतिनिधि गणेश पाटील ने जानकारी दी। इसके साथ ही शिक्षा परिषद के प्रभावी क्रियान्वयन, शाला व्यवस्थापन समिति, शैक्षणिक ग्रामसभा आयोजित करने तथा इसके आधार पर दी गई लिंक भरने के संबंध में भी जानकारी दी गई। दिनभर के सभी सत्रों में उठी शंकाओं का समाधान सत्र विशेषज्ञों के पैनल ने किया।
कार्यशाला का अंतिम सत्र स्वयं मुख्य कार्यकारी अधिकारी बाबासाहेब बेलदार ने लिया। उन्होंने दिनभर कार्यशाला में हुई चर्चाओं की जानकारी ली तथा कार्यशाला में चर्चा की गई नई बातों और केंद्र स्तर पर कार्यशाला के उपयोग के संबंध में प्रतिभागियों से अभिप्राय जाना। उन्होंने कार्यशाला के आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए निपुण अभियान की विस्तृत समीक्षा की। साथ ही सभी केंद्रप्रमुखों द्वारा वर्तमान स्थिति में की गई शाला भेंटों की भी समीक्षा की।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी बेलदार ने कहा कि जिले की गुणवत्तापूर्ण शालाओं की सफलता की कहानियां अन्य शालाओं तक पहुंचाने के लिए गुणवत्तापूर्ण कार्यों का सार्वत्रीकरण किया जाना चाहिए। कार्यशाला में शामिल केंद्रप्रमुखों और विस्तार अधिकारियों ने इसी आधार पर केंद्र स्तर पर भी कार्यशालाएं आयोजित करने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी अवधि में जिले की निपुण प्रतिशतता निश्चित रूप से बढ़ेगी।
कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए डॉ. वनमाला पवार, मनीषा वानखेडे, सुनील जाधव तथा ज्ञान प्रकाश संस्था प्रतिनिधि विशाल कुंभकर्ण ने विशेष मेहनत की। इस अवसर पर नव नियुक्त डायट अधिव्याख्याता एवं गटशिक्षणाधिकारी का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बाबासाहेब बेलदार के हाथों सत्कार किया गया। सुपर निपुण शालाओं के दोनों शिक्षकों का भी मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने सत्कार किया। कार्यशाला के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर उन्होंने सभी सुलभकों के कार्य की सराहना की।

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