निलंगा में 15 साल पुराने रिश्ते का दर्दनाक अंत, श्वान को दफनाते रो पड़े शरीफभाई
निलंगा में 15 साल से पाले कारवानी श्वान की मौत पर शरीफभाई पठाण ने खुद गड्ढा खोदकर दफनाया। अंतिम विदाई में छलके आंसू।

तस्वीर में एक मृत श्वान जमीन पर सफेद चादर पर लेटा हुआ दिखाई दे रहा है।
निलंगा में इंसान और एक मूक प्राणी के बीच 15 वर्षों से कायम रिश्ते का ऐसा भावुक अंत देखने को मिला, जिसने मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया। पठाण वीटभट्टी के शरीफभाई पठाण ने परिवार के सदस्य की तरह पाले गए कारवानी नस्ल के अपने श्वान की मौत के बाद खुद गड्ढा खोदकर उसे दफनाया। लाडले श्वान को अंतिम विदाई देते समय शरीफभाई की आंखों से आंसू बहते रहे।
शरीफभाई पिछले 15 वर्षों से इस श्वान की बेहद प्यार और ममता से देखभाल कर रहे थे। परिवार के किसी सदस्य की तरह उससे लगाव था। सुख-दुख के मौकों पर वह हमेशा उनके साथ रहता था। लंबे समय से कायम यह साथ अचानक खत्म होने से शरीफभाई को गहरा आघात लगा और वह फूट-फूटकर रोने लगे।
लाडले श्वान के अंतिम समय में भी शरीफभाई ने उसे अकेला नहीं छोड़ा। सफेद कफन में लपेटकर अंतिम विदाई देते समय उन्होंने खुद गड्ढा खोदा और भारी मन से उसका दफन किया। इस दौरान उनकी आंखों से लगातार आंसू बहते रहे। अपने जिगरी साथी को अंतिम विदाई देते समय उनके चेहरे पर नजर आ रहा विरह देखकर वहां मौजूद लोगों का भी दिल भर आया।
दफन के बाद भी शरीफभाई काफी देर तक कब्र के पास खड़े रहे। 15 वर्षों के साथ की यादें उनकी आंखों के सामने तैरती रहीं। लाडले श्वान की याद आते ही वह अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थे। मौजूद लोगों ने भी उनके दुख में शामिल होकर उन्हें सांत्वना दी।
आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जब इंसानों के बीच रिश्तों में दूरी बढ़ती जा रही है, ऐसे समय में एक मूक जीव के लिए 15 वर्षों तक संजोया गया प्रेम और उसकी मौत के बाद उसे दिया गया सम्मान कई लोगों के दिल को छू गया। श्वान को केवल पालतू जानवर नहीं, बल्कि परिवार का सदस्य मानने वाले शरीफभाई ने अपनी इस भावना के जरिए इंसान और प्राणी के बीच के गहरे लगाव को सामने रखा।
एक मूक जीव के चले जाने पर आंखों में आंसू और उसे इंसान की तरह दी गई अंतिम विदाई का यह भावुक दृश्य निलंगा में इंसानियत और जीवों के प्रति गहरे अपनत्व की तस्वीर पेश कर गया।

Limbraj Panhalkar (Latur)
नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर
वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)
कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)
बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग
अनुभव: 20 साल
परिचय
लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
