नीट पेपर लीक: लातूर आरसीसी कोचिंग प्रमुख शिवराज मोटेगावकर गिरफ्तार
सीबीआई ने पूछताछ के बाद कोचिंग संचालक को हिरासत में लिया, छात्रा के वायरल इंटरव्यू के बाद जांच एजेंसियों के घेरे में थे मोटेगावकर।

लातूर स्थित आरसीसी कोचिंग संस्थान का मुख्य कार्यालय, जहां नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई की कार्रवाई के बाद सन्नाटा छाया हुआ है।
देशभर में चर्चित नीट परीक्षा पेपरफुटी प्रकरण ने लातूर के शिक्षा जगत में बड़ा भूचाल ला दिया है। लातूर स्थित प्रसिद्ध ‘आरसीसी’ (RCC) कोचिंग क्लासेस के प्रमुख प्रा. शिवराज मोटेगावकर को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (Central Bureau of Investigation) ने रविवार मध्यरात्रि आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद लातूर के शिक्षा क्षेत्र में गहरा हड़कंप मच गया है और शहर की ‘शिक्षण पंढरी’ की छवि पर भी सवाल उठने लगे हैं।
मध्यरात्रि गिरफ्तारी, दिल्ली ले जाने की संभावना
सीबीआई ने पिछले कई दिनों से लातूर में डेरा डालकर इस मामले की जांच तेज कर रखी थी। इससे पहले इस प्रकरण में सेवानिवृत्त प्रा. पी. व्ही. कुलकर्णी को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच की दिशा लगातार प्रा. शिवराज मोटेगावकर की ओर केंद्रित होती गई।
जानकारी के अनुसार, 13 मई को नीट परीक्षा संपन्न होने के बाद पेपर लीक की चर्चा शुरू हुई थी। इसके बाद सीबीआई ने मोटेगावकर को पुणे स्थित कार्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित होने की नोटिस जारी की थी। उन्होंने अपने वकील के माध्यम से समय बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन वे रविवार को स्वयं पुणे कार्यालय पहुंचे। दिनभर चली पूछताछ के बाद रविवार और सोमवार की मध्यरात्रि उन्हें आधिकारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। उन्हें आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली ले जाने की संभावना जताई जा रही है।
‘अतिउत्साह’ पड़ा भारी, विद्यार्थिनी इंटरव्यू से गहराया शक
इस पूरे प्रकरण में एक महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। परीक्षा के बाद प्रा. मोटेगावकर ने अपनी कोचिंग की दो विद्यार्थिनियों का इंटरव्यू लिया था। उस इंटरव्यू में विद्यार्थिनियों ने कहा था कि “सरों द्वारा दिए गए प्रश्नों के बाहर परीक्षा में कुछ भी नहीं आया।”
यह वीडियो सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों पर वायरल होने के बाद संदेह और अधिक गहरा गया। बताया जा रहा है कि मोटेगावकर के इसी प्रचार-प्रसार और ‘अतिउत्साह’ ने जांच एजेंसियों का ध्यान उनकी ओर खींचा।
‘इंजीनियर-डॉक्टर फैक्टरी’ की छवि पर सवाल
लातूर लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं और निजी कोचिंग संस्थानों के लिए देशभर में जाना जाता है। ‘आरसीसी’ जैसी संस्थाएं हजारों छात्रों को डॉक्टर और इंजीनियर बनाने का दावा करती रही हैं। लेकिन इस गिरफ्तारी के बाद पूरे निजी कोचिंग तंत्र पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।
शिक्षा क्षेत्र में प्रभावशाली पहचान बनाने वाले व्यक्तियों को कानून के सामने जवाबदेह होना पड़ता है—इस कार्रवाई के बाद यह संदेश और अधिक सशक्त रूप से सामने आया है।
आरसीसी कार्यालय के बाहर सन्नाटा, जांच जारी
सीबीआई कार्रवाई के बाद आरसीसी के मुख्य कार्यालय क्षेत्र में सोमवार को पूरे दिन सन्नाटा पसरा रहा। मीडिया प्रतिनिधियों और पुलिस बल की तैनाती वहां देखी गई। बताया जा रहा है कि सीबीआई के कुछ अधिकारी अभी भी लातूर में मौजूद हैं और अन्य कई व्यक्तियों से पूछताछ जारी है।
शिक्षा जगत में गहरा असर
प्रा. शिवराज मोटेगावकर की गिरफ्तारी के बाद छात्र, अभिभावक और कोचिंग क्षेत्र में व्यापक हलचल देखी जा रही है। लातूर के शिक्षा मॉडल पर देशभर में फिर से सवाल उठने लगे हैं। नीट पेपरफुटी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे और भी बड़े खुलासों की संभावना व्यक्त की जा रही है, जिससे शिक्षा जगत में इसका प्रभाव और गहरा हो सकता है।

Pratahkal Bureau
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