मोटेगावकर की मुश्किलें बढ़ीं, RCC क्लासेस बंद करने की मांग; तहसील कार्यालय के बाहर आमरण अनशन
NEET पेपरफुटी मामले में लातूर में आंदोलन तेज, RCC क्लासेस बंद करने और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू।

तस्वीर में सतीश कारंडे और अन्य आंदोलनकारी लातूर तहसील कार्यालय के सामने आमरण अनशन पर बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं, जिनके पीछे मांगों का बैनर लगा हुआ है।
लातूर, दि. 10 : NEET परीक्षा में कथित पेपरफुटी के मामले ने लातूर के शैक्षणिक क्षेत्र में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है। इस मामले में संदिग्ध आरोपी के रूप में नाम चर्चा में रहे प्रो. शिवराज मोटेगावकर और डॉ. शिरुरे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन शुरू हो गया है।
आंदोलनकारियों ने प्रो. शिवराज मोटेगावकर के RCC क्लासेस पर प्रतिबंध लगाने और डॉ. शिरुरे के अस्पताल को सील करने की मांग की है। इसके साथ ही NEET मामले के सभी आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग भी की गई है।
इन मांगों को लेकर सतीश कारंडे के साथ आंदोलन के सहयोगियों और विद्यार्थियों ने रविवार, 9 अगस्त को शाम 5 बजे से लातूर तहसील कार्यालय के सामने आमरण अनशन शुरू किया है। आंदोलनकारियों ने दावा किया है कि इस आमरण अनशन को विद्यार्थियों की ओर से बड़ी प्रतिक्रिया मिल रही है।
दूसरी बार परीक्षा कराने का खर्च आरोपियों से वसूलने की मांग
NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ी के कारण शासन को दोबारा परीक्षा कराने की नौबत आई। आंदोलनकारियों ने मांग की है कि दूसरी बार आयोजित की गई इस परीक्षा पर शासन का जो खर्च हुआ है, वह संबंधित आरोपियों से वसूला जाए।
आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगों में प्रो. शिवराज मोटेगावकर के RCC क्लासेस पर प्रतिबंध लगाना, डॉ. शिरुरे के अस्पताल को सील करना, NEET मामले के सभी आरोपियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करना, शासन को दूसरी बार परीक्षा आयोजित करने में हुए खर्च की वसूली संबंधित आरोपियों से करना तथा NEET मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना शामिल है।
आंदोलनकारियों ने कहा कि विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी ही चाहिए। अन्यथा विद्यार्थियों और अभिभावकों का शासन पर विश्वास और कमजोर होगा। विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य का सवाल गंभीर रूप से सामने आया है और मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग जोर पकड़ रही है।

Limbraj Panhalkar (Latur)
नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर
वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)
कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)
बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग
अनुभव: 20 साल
परिचय
लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
