नीट (NEET) पेपर लीक प्रकरण के संदर्भ में संपूर्ण महाराष्ट्र में ख्यात ‘लातूर पैटर्न’ को जानबूझकर निशाना बनाए जाने का आरोप लगाते हुए सोमवार को लातूर में भारी आक्रोश देखने को मिला। लातूर शहर जिला कांग्रेस कमेटी, लातूर जिला कांग्रेस कमेटी तथा ‘लातूर पैटर्न बचाव कृती समिति’ की ओर से लातूर अर्बन बैंक उद्योग भवन के सामने प्रशासन की कथित जाचक नोटिस का सार्वजनिक दहन कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि “लातूर की शैक्षणिक अस्मिता के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा” और प्रशासन को सीधे चेतावनी दी गई।

लातूर जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक निखिल पाटील द्वारा 22 मई 2026 को जारी आदेश (जा.क्र. जिउकेला/सऔव/2026/821) को लेकर विवाद गहरा गया है। इस आदेश के तहत लातूर इंडस्ट्रियल इस्टेट (औद्योगिक वसाहत) में मूल करार के उल्लंघन के आधार पर उत्पादन से इतर चल रहे सभी पूरक व्यवसायों—जैसे ट्यूशन क्लासेस, कोचिंग क्लासेस, शिकवणी वर्ग, हॉस्टेल, खानावळ, वस्तीगृह तथा अभ्यासिका—को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। इस निर्णय से ट्यूशन क्षेत्र में अध्ययनरत हजारों विद्यार्थियों और अभिभावकों में भय का माहौल उत्पन्न हो गया है।

प्रदर्शन के दौरान लातूर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अभय साळुंके ने प्रशासनिक कार्रवाई और भाजपा पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि “कड़ी मेहनत और अनेक लोगों के बलिदान से खड़ा हुआ लातूर पैटर्न किसी की देन नहीं, बल्कि जनमानस में स्थापित प्रणाली है। हमारे टैलेंट को बदनाम करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।”

उन्होंने आगे कहा कि “21 जून को विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण परीक्षा है, ऐसे समय में क्लासेस, हॉस्टेल और अभ्यासिकाएं बंद करने के आदेश से विद्यार्थी और अभिभावक मानसिक तनाव में हैं। क्या यह कानून का शासन है या हुकूमत का आदेश?” उन्होंने इसे “तुगलकी आदेश” बताते हुए प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए।

अभय साळुंके ने यह भी कहा कि “पुणे में भी इस प्रकार के मामले सामने आते हैं, लेकिन वहां जिम्मेदारी व्यक्तिगत स्तर पर तय होती है, जबकि लातूर में पूरे लातूर पैटर्न को निशाना बनाया जाता है, जो स्पष्ट भेदभाव है।”

कृती समिति ने स्पष्ट किया कि वे किसी भी दोषी का समर्थन नहीं करते। उनके अनुसार, “नीट पेपर लीक मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, चाहे वे डॉक्टर हों, मोटेगावकर हों या पी. वी. कुलकर्णी हों, उन्हें जांच के बाद सख्त सजा मिलनी चाहिए। 23 लाख विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।”

साथ ही समिति ने कहा कि 63 में से 63 प्लॉट धारकों को एकसमान नोटिस देना गलत है और प्रत्येक को व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर मिलना चाहिए। समिति ने चेतावनी दी कि यदि बिना सुनवाई के ट्यूशन क्षेत्र को बंद करने का प्रयास किया गया तो तीव्र आंदोलन किया जाएगा।

इसी दौरान उद्योग भवन परिसर में एकत्र सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए नोटिस की प्रतियों का सार्वजनिक दहन किया। इस घटना के चलते कुछ समय के लिए परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

आंदोलन में लातूर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रा. डॉ. शिवाजी जवळगेकर, उपमहापौर स्नेहल उटगे, एड. किरण जाधव, विष्णुदास धायगुडे, प्रवीण सूर्यवंशी, कैलास कांबळे, प्रवीण कांबळे, विजय जाधव, विकास कदम, संतोष शिंदे, पवार सर, पाटील कदम, मिरकले सर, पी. वी. विवेकानंद, संतोष धायगुडे, चंद्रकांत बिडवे, बाळासाहेब कदम, पी. एस. जाधव सहित शिक्षण क्षेत्र के अनेक मान्यवर, विद्यार्थी, अभिभावक एवं कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

यह पूरा मामला प्रशासनिक आदेश, शैक्षणिक व्यवस्था और ‘लातूर पैटर्न’ की साख को लेकर एक बड़े विवाद का रूप ले चुका है, जिससे क्षेत्र में राजनीतिक और शैक्षणिक दोनों स्तरों पर गहरा प्रभाव देखा जा रहा है।

Limbraj Panhalkar (Latur)

Limbraj Panhalkar (Latur)

नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर

वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)

कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)

बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग

अनुभव: 20 साल

परिचय

लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।

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