नीट पेपर लीक मामला: लातूर पुलिस ने कोचिंग संचालक से की पूछताछ
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और अभिभावकों की शिकायत के बाद लातूर पुलिस ने निजी कोचिंग संचालक को हिरासत में लेकर जांच शुरू की है।

नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले की जांच के दौरान लातूर पुलिस अधीक्षक कार्यालय और प्रदर्शन करते छात्र। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर एक स्थानीय कोचिंग संचालक से गहन पूछताछ की है।
देशभर में चर्चित नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक मामले के तार अब महाराष्ट्र के लातूर से जुड़ते नजर आ रहे हैं, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। केंद्र सरकार द्वारा इस गंभीर प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए जाने के बाद लातूर पुलिस ने भी अपनी जांच की गति तेज कर दी है। इसी कड़ी में पुलिस ने शहर के एक प्रतिष्ठित निजी कोचिंग संस्थान के संचालक को हिरासत में लेकर घंटों गहन पूछताछ की। हालांकि, प्राथमिक जांच और बयान दर्ज करने के बाद उन्हें फिलहाल छोड़ दिया गया है, लेकिन पुलिस की पैनी नजर उन पर बनी हुई है।
इस पूरे मामले ने तब तूल पकड़ा जब एक अभिभावक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए लातूर जिला पुलिस अधीक्षक ने तत्काल जांच के आदेश जारी किए। जांच की कमान शहर पुलिस उपाधीक्षक समीरसिंह साळवे को सौंपी गई है, जो वर्तमान में इस मामले के हर संभावित पहलू और साक्ष्यों की बारीकी से पड़ताल कर रहे हैं।
इस संदेह को बल नीट परीक्षा के दिन ही सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो से मिला। इस वीडियो में शहर के एक बड़े कोचिंग संस्थान के संचालक अपने दो छात्रों का साक्षात्कार लेते दिखाई दे रहे हैं। इस साक्षात्कार में छात्राओं ने जो दावे किए, वे चौंकाने वाले थे। एक छात्रा ने खुलेआम कहा कि "सर ने परीक्षा से एक दिन पहले जो गेस पेपर दिया था, परीक्षा में उसके बाहर से कुछ भी नहीं आया।" वहीं, दूसरी छात्रा ने भी पुष्टि करते हुए कहा कि "दिया गया गेस पेपर परीक्षा में ज्यों का त्यों (हूबहू) उतरा था।" इन बयानों के वायरल होते ही यह चर्चा राज्यभर में फैल गई कि नीट पेपर लीक के तार लातूर के शैक्षणिक गलियारों से जुड़े हो सकते हैं।
इन वायरल दावों और शिकायतों के आधार पर पुलिस ने संबंधित कोचिंग संचालक को तलब किया। हालांकि, इस लंबी पूछताछ से सटीक रूप से क्या निष्कर्ष निकला है या क्या किसी के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है, इस पर फिलहाल आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इस संबंध में जब पुलिस अधीक्षक अमोल तांबे से संपर्क किया गया, तो उन्होंने केवल इतना ही कहा कि "मामले की जांच अभी जारी है।" इस पूरे प्रकरण ने ईमानदारी और अपनी मेहनत के दम पर परीक्षा देने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों के बीच गहरी चिंता और रोष पैदा कर दिया है। अभिभावकों की मांग है कि इस धांधली की निष्पक्ष जांच हो ताकि मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो सके।

Limbraj Panhalkar (Latur)
नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर
वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)
कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)
बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग
अनुभव: 20 साल
परिचय
लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
