Sunil Tatkare meets Sharad Pawar Silver Oak : महाराष्ट्र की शतरंज जैसी उलझी हुई राजनीति में बुधवार को उस वक्त एक नया मोड़ आ गया, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिग्गज नेता और अजित पवार गुट के करीबी माने जाने वाले सुनील तटकरे अचानक वरिष्ठ नेता शरद पवार के मुंबई स्थित आवास ‘सिल्वर ओक’ पहुंचे। पार्टी में हुए ऐतिहासिक विभाजन के बाद, शरद पवार और उनके पुराने सहयोगी रहे तटकरे के बीच यह पहली आधिकारिक मुलाकात है। यद्यपि इस भेंट को शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन महाराष्ट्र के सियासी गलियारों में इस मुलाकात ने उन चर्चाओं को हवा दे दी है कि क्या पर्दे के पीछे किसी नई पटकथा की तैयारी चल रही है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब एनसीपी के दोनों गुटों के बीच विलय की खबरें और आंतरिक पदभार को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है।

घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी के अनुसार, सुनील तटकरे बुधवार दोपहर को शरद पवार का हालचाल जानने के लिए उनके निवास स्थान पहुंचे थे। मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए तटकरे ने स्पष्ट किया कि शरद पवार की सेहत पिछले कुछ दिनों से नासाज थी, जिसके चलते उन्होंने समय मांगा था। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस दौरे के पीछे कोई राजनीतिक मंशा नहीं थी और न ही किसी सियासी मुद्दे पर चर्चा हुई। हालांकि, राजनीतिक विश्लेषक इस दलील को पूरी तरह स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं, क्योंकि हाल ही में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सूची में तटकरे का नाम न होने और पार्टी के भीतर उनके कद को लेकर कई तरह की खबरें छनकर बाहर आ रही थीं।

मुलाकात के समय (टाइमिंंग) को लेकर भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ जहाँ प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे के विलय विरोधी रुख की चर्चाएं आम हैं, वहीं दूसरी तरफ चुनाव आयोग को भेजे गए पार्टी के पत्रों में इन नेताओं के आधिकारिक पदों के उल्लेख न होने से संशय की स्थिति बनी हुई थी। दिलचस्प पहलू यह भी है कि हाल ही में सुनेत्रा पवार, पार्थ पवार, प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे ने एकजुटता दिखाने के लिए असम का संयुक्त दौरा किया था। ऐसे में, एक तरफ एकजुटता का प्रदर्शन और दूसरी तरफ विरोधी खेमे के संरक्षक से एकांत में मुलाकात करना किसी बड़ी राजनीतिक बिसात का हिस्सा प्रतीत होता है।

कानूनी और आधिकारिक मोर्चे पर, एनसीपी के भीतर पदों की वैधता और चुनाव आयोग के समक्ष पार्टी की स्थिति को लेकर पहले से ही रस्साकशी जारी है। तटकरे वर्तमान में राष्ट्रीय महासचिव के पद का दावा करते हैं, लेकिन हालिया प्रशासनिक पत्राचार ने उनके और प्रफुल्ल पटेल के पदों पर प्रश्नचिह्न लगा दिए थे। शरद पवार जैसे मंझे हुए राजनेता के साथ उनकी यह भेंट उन आंतरिक कलहों को शांत करने या नए समीकरण बनाने की कोशिश हो सकती है, जो भविष्य में महाराष्ट्र विधानसभा की दिशा तय करेंगे।

सुनील तटकरे और शरद पवार की यह भेंट भले ही व्यक्तिगत और स्वास्थ्य संबंधी बताई गई हो, लेकिन महाराष्ट्र की राजनीति का इतिहास गवाह है कि 'सिल्वर ओक' के भीतर होने वाली हलचलें कभी भी राजनीति से अछूती नहीं होतीं। यह मुलाकात केवल शिष्टाचार थी या किसी बड़े राजनीतिक पुनर्गठन की आहट, इसका जवाब आने वाले समय में एनसीपी की बदलती रणनीतियों से ही मिलेगा। फिलहाल, इस एक मुलाकात ने पूरे सूबे की नजरें एक बार फिर पवार परिवार और उनके सहयोगियों के अगले कदम पर टिका दी हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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