NCP कार्यकारिणी से प्रफुल्ल पटेल और भुजबल का नाम गायब; क्या अजित गुट में मची है बड़ी रार?
NCP कार्यकारिणी लिस्ट से प्रफुल्ल पटेल और भुजबल का नाम गायब होने पर मचा बवाल। सुनेत्रा पवार ने तकनीकी गलती बताकर दी सफाई। जानिए क्या है पूरा सियासी विवाद।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार
NCP National Executive List : महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर भूचाल आ गया है, जहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की सूची ने सियासी गलियारों में हलचल तेज कर दी है। चुनाव आयोग को सौंपी गई इस लिस्ट से पार्टी के सबसे कद्दावर और अनुभवी चेहरों, प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल और सुनील तटकरे के नाम नदारद होने के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या पार्टी के भीतर सब कुछ ठीक है। जैसे ही यह सूची सार्वजनिक हुई, अटकलों का बाजार गर्म हो गया कि क्या अजित पवार के नेतृत्व वाली इस पार्टी में पुराने वफादारों को दरकिनार कर नई पीढ़ी को कमान सौंपने की तैयारी की जा रही है। इस सूची ने न केवल राजनीतिक विश्लेषकों को चौंकाया, बल्कि खुद पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच भी असमंजस की स्थिति पैदा कर दी।
विवाद की जड़ वह दस्तावेज है जो 29 अप्रैल को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की ओर से चुनाव आयोग को भेजा गया था। मीडिया में वायरल हो रही इस विस्तृत सूची में पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर सुनेत्रा पवार का नाम प्रमुखता से दर्ज है, जबकि महासचिव की महत्वपूर्ण भूमिकाओं में पार्थ पवार और जय पवार के नाम शामिल किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह रही कि प्रफुल्ल पटेल और सुनील तटकरे जैसे रणनीतिकार, जो पार्टी के अस्तित्व की लड़ाई में हमेशा अग्रिम पंक्ति में रहे, उनका नाम इस महत्वपूर्ण सूची से पूरी तरह गायब दिखा। विशेष रूप से प्रफुल्ल पटेल का नाम न होना सबसे ज्यादा हैरान करने वाला था, क्योंकि उन्हें अजित पवार का सबसे करीबी और राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी का मुख्य चेहरा माना जाता रहा है।
तेजी से बिगड़ते हालात और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच एनसीपी प्रमुख सुनेत्रा पवार ने खुद मोर्चा संभाला और इस पूरे विवाद पर स्पष्टीकरण जारी किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी बात रखते हुए इस लिस्ट को अंतिम मानने से इनकार कर दिया। सुनेत्रा पवार ने साफ तौर पर कहा कि वायरल हो रही इस सूची में गंभीर तकनीकी और क्लर्कल त्रुटियां (clerical errors) रह गई हैं। उन्होंने इसे एक मानवीय भूल करार देते हुए स्पष्ट किया कि वरिष्ठ नेताओं के नाम गायब होने के पीछे कोई भी राजनीतिक मंशा या आंतरिक कलह नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन गलतियों को सुधारने के बाद जल्द ही एक नई और संशोधित सूची जारी की जाएगी, जिसमें सभी वरिष्ठ नेताओं के नाम और उनके दायित्व स्पष्ट होंगे।
A list of office bearers of the NCP circulating in the media has a clerical mistake and will be corrected soon.
— Sunetra Ajit Pawar (@SunetraA_Pawar) May 11, 2026
इस पूरे घटनाक्रम ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया विमर्श छेड़ दिया है। हालांकि पार्टी इसे महज एक 'टेक्निकल एरर' बता रही है, लेकिन विपक्षी खेमे और राजनीतिक विशेषज्ञों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह वाकई एक प्रशासनिक चूक है या भविष्य में होने वाले किसी बड़े सांगठनिक फेरबदल का पूर्वाभ्यास। जिस तरह से पार्टी ने अपनी नई टीम में युवा चेहरों को जगह दी है, उसने आने वाले समय में एनसीपी की दिशा और दशा को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सबकी निगाहें उस संशोधित सूची पर हैं, जो यह तय करेगी कि पार्टी के पुराने दिग्गजों का कद बरकरार रहता है या फिर शक्ति के केंद्रों में कोई स्थायी बदलाव होने जा रहा है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
