समाज के सर्वांगीण विकास में सामाजिक संस्थाओं की भूमिका अहम : एडवोकेट नीता मगदूम
कोल्हापुर में नावीन्य बहुउद्देशीय संस्था का 11वां स्थापना दिवस समारोह उत्साहपूर्वक आयोजित हुआ। कार्यक्रम में सामाजिक विकास, जनकल्याण और ‘विजन 2035’ के तहत भविष्य की योजनाओं को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं।

कोल्हापुर में नावीन्य बहुउद्देशीय संस्था के 11वें स्थापना दिवस पर मुख्य अतिथि एडवोकेट नीता मगदूम, डॉ. मोहन गोखले व अन्य गणमान्य नागरिक और उपस्थित जनसमूह।
सामाजिक परिवर्तन, जनजागरण और वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने में सामाजिक संस्थाओं की भूमिका आज पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। समाज के विभिन्न वर्गों तक सरकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने में ऐसी संस्थाएं महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करती हैं। यह विचार भारत सरकार की नोटरी एडवोकेट नीता मगदूम ने व्यक्त किए।
वे स्वप्नपूर्ती ग्रुप ऑफ कंपनीज से संबद्ध नावीन्य बहुउद्देशीय संस्था के 11वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम उत्साहपूर्ण वातावरण में विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
समारोह में राजे बैंक के निदेशक दत्तामामा खराडे, मुरगुड नगर परिषद के परियोजना अधिकारी सुनील पाटील तथा स्वप्नपूर्ती गृहतारण संस्था के प्रमोद हर्षवर्धन सहित अनेक प्रतिष्ठित अतिथि उपस्थित रहे। अपने संबोधन में एडवोकेट मगदूम ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं को केवल सेवा कार्यों तक सीमित न रहकर शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के व्यक्तित्व विकास, पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन जैसे क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने बदलती सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप नवाचार आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन की प्रक्रिया को और अधिक मजबूत बनाने पर बल दिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर संस्था द्वारा पिछले 11 वर्षों में किए गए सामाजिक, शैक्षणिक और जनहितकारी कार्यों का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। संस्था की विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियों और योगदान की उपस्थित अतिथियों एवं नागरिकों ने सराहना की।
संस्था के संस्थापक डॉ. मोहन गोखले ने संस्था की स्थापना से लेकर अब तक के सफर, सामने आई चुनौतियों तथा भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने ‘विजन 2035’ के अंतर्गत प्रस्तावित विभिन्न विकासात्मक उपक्रमों की जानकारी देते हुए समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर समावेशी विकास की नई दिशा देने का संकल्प व्यक्त किया।
कार्यक्रम में सामाजिक, शैक्षणिक, व्यावसायिक और राजनीतिक क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य व्यक्ति, संस्था पदाधिकारी, सदस्य, युवा और नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। उपस्थितजनों ने संस्था की भावी योजनाओं के लिए शुभकामनाएं देते हुए समाजहित में उसके कार्यों के और अधिक व्यापक विस्तार का विश्वास जताया।
कार्यक्रम का प्रस्तावना भाषण सौ. सुप्रिया हसबे ने दिया। संचालन स्वप्नील गोरंबेकर ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन अक्षय मोरे ने किया। आयोजन की सफलता में वेदगंगा संस्था के वाइस चेयरमैन रावसाहेब कांबळे, शाखाधिकारी सौ. प्रिया गोखले, स्नेहल सुतार, रविकांत शिंदे तथा संस्था के सभी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा।
नावीन्य बहुउद्देशीय संस्था का 11वां स्थापना दिवस समारोह समाजसेवा, विकास, नवाचार और सामाजिक प्रतिबद्धता के मूल्यों को सशक्त रूप से रेखांकित करने वाला प्रेरणादायी आयोजन साबित हुआ। कार्यक्रम ने यह संदेश भी दिया कि संगठित सामाजिक प्रयासों के माध्यम से समाज के सर्वांगीण विकास की दिशा में प्रभावी परिवर्तन संभव है।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
