लस लगने के कुछ ही देर बाद 16 वर्षीय किशोरी की मौत, नाशिक में मचा हड़कंप; जांच के घेरे में पूरा मामला
नाशिक में टीकाकरण के बाद 16 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध मौत से हड़कंप मच गया। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि स्वास्थ्य विभाग ने वैक्सीन बैच पर रोक लगाकर जांच शुरू कर दी है। आखिर मौत की असली वजह क्या थी?

नाशिक के सिडकी क्षेत्र में डिप्थीरिया और टिटनेस का टीका लगने के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मृत घोषित की गई 16 वर्षीय श्रावणी अनिल पाटील (फाइल फोटो)।
महाराष्ट्र के नाशिक शहर से एक बेहद चिंताजनक और संवेदनशील मामला सामने आया है, जहां टीकाकरण के कुछ ही समय बाद 16 वर्षीय किशोरी की मौत हो जाने से स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन में हड़कंप मच गया है। घटना के बाद परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया है, जबकि महानगरपालिका ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, नाशिक महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग द्वारा शहर में नियमित टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा था। इसी अभियान के तहत बुधवार को सिडको क्षेत्र के कामटवाडे स्थित मनपा स्वास्थ्य केंद्र में डिप्थीरिया (घटसर्प) और टिटनेस (धनुर्वात) के टीके लगाए जा रहे थे।
दोपहर करीब एक बजे 16 वर्षीय श्रावणी अनिल पाटील अपने पिता के साथ टीका लगवाने स्वास्थ्य केंद्र पहुंची थी। टीका लगने के बाद वह अस्पताल परिसर से बाहर निकली। आरोप है कि कुछ ही देर बाद उसे चक्कर आया और वह सड़क पर गिर पड़ी। गिरने के दौरान उसके सिर में गंभीर चोट लग गई। इसके बाद उसके पिता उसे तुरंत वापस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद मृतका के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की मौत चिकित्सा दल की लापरवाही के कारण हुई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग की है।
उधर, नाशिक महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित वैक्सीन बैच के उपयोग पर तत्काल रोक लगा दी है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, जिस शीशी से श्रावणी को टीका लगाया गया था, उसके नमूने जांच के लिए सुरक्षित रख लिए गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि उसी शीशी से कुल छह लोगों का टीकाकरण किया गया था और अन्य किसी व्यक्ति में किसी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या सामने नहीं आई है।
महानगरपालिका के स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय देवकर ने बताया कि मामले की जांच स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ राज्य और केंद्र सरकार के स्वास्थ्य विभागों द्वारा भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी पहलुओं की विस्तृत जांच कर वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा।
इस बीच, श्रावणी के शव का जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया है। मृत्यु के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए उसका विसरा सुरक्षित रखा गया है, जिसे परीक्षण हेतु न्याय सहायक वैज्ञानिक प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि किशोरी की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था।
इस घटना ने टीकाकरण प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को लेकर कई महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो इस रहस्यमय मौत की सच्चाई सामने ला सकती है।

Pratahkal Bureau
प्रातःकाल ब्यूरो, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा ब्यूरो राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।
