गणेशोत्सव में बाप्पा के नैवेद्य के लिए मोदक का विशेष महत्व है, लेकिन नाशिक में इस बार सोन्याचा वर्ख लावलेल्या ‘गोल्डन मोदक’ ने खास ध्यान आकर्षित किया है। इस मोदक की कीमत 27 हजार रुपये प्रति किलो है। सोन्याच्या वर्खामुळे सजवलेला हा विशेष मोदक फिलहाल शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है।

नाशिक के सागर स्वीट्स में गणेशोत्सव के अवसर पर मोदक की 25 से अधिक प्रकार की वैरायटी उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें पारंपरिक उकडी के मोदक और तले हुए मोदक के साथ ड्रायफ्रूट, अंजीर, केसर, आम, बिस्कॉफ और ब्लूबेरी जैसे विभिन्न स्वादों के मोदक शामिल हैं। इसके अलावा सोने और चांदी के वर्ख से सजाए गए मोदक भी ग्राहकों के लिए उपलब्ध हैं।

‘गोल्डन मोदक’ को खाने योग्य सोने के वर्ख से सजाया गया है। सोन्याच्या वर्खामुळे मोदक को आकर्षक और शाही रूप मिला है। गणेशोत्सव के दौरान बाप्पा को कुछ अलग और खास नैवेद्य अर्पित करने की इच्छा रखने वाले भक्तों के लिए यह मोदक विशेष आकर्षण बना हुआ है।

हालांकि, सोने के वर्ख और इसमें इस्तेमाल होने वाले घटकों के कारण इसकी कीमत अन्य मोदकों की तुलना में काफी अधिक है। गोल्डन मोदक का दर 27 हजार रुपये प्रति किलो है। 27 हजार रुपये किलो की कीमत सुनने पर यह मोदक सामान्य ग्राहकों की पहुंच से बाहर लग सकता है, लेकिन इसे किलो के हिसाब से खरीदना जरूरी नहीं है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक गोल्डन मोदक की कीमत करीब 540 रुपये है। ऐसे में ग्राहक बाप्पा के लिए खास नैवेद्य के तौर पर एक-दो मोदक भी खरीद सकते हैं। बताया जा रहा है कि सोने की बढ़ी हुई कीमतों का असर इस विशेष मोदक की कीमत पर भी पड़ा है।

इस तरह नाशिक के सागर स्वीट्स में उपलब्ध यह गोल्डन मोदक गणेशोत्सव के पारंपरिक नैवेद्य को सोने के वर्ख की खास सजावट के साथ अलग पहचान दे रहा है और 27 हजार रुपये प्रति किलो की कीमत के कारण चर्चा में है।

Pratahkal Bureau

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