आदित्य ठाकरे 13 अगस्त को करेंगे नाशिक की पाहणी, खड्डों पर शिवसेना का बड़ा मोर्चा
नाशिक के खड्डों और बदहाल सड़कों पर शिवसेना (उबाठा) आक्रामक, आदित्य ठाकरे 13 अगस्त को करेंगे पाहणी, 17 अगस्त को निकलेगा मोर्चा।

नाशिक शहर में खड्डों और बदहाल सड़कों का मुद्दा अब राजनीतिक रूप से गरमा गया है। सड़कों पर बने खड्डों के कारण छह लोगों की मौत होने का आरोप लगाते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने महानगरपालिका प्रशासन, महापौर और सत्ताधारियों पर तीखा हमला बोला है। इसी बीच आदित्य ठाकरे 13 अगस्त को नाशिक दौरे पर आएंगे और शहर में खड्डों की स्थिति का जायजा लेंगे।
शिवसेना (उबाठा) के अनुसार, आदित्य ठाकरे नगरसेवकों से चर्चा करने के साथ महानगरपालिका का भी दौरा करेंगे और शहर की स्थिति की समीक्षा करेंगे। खड्डों के कारण जिन स्थानों पर नागरिकों की मौत हुई है, आदित्य ठाकरे उन स्थानों का भी निरीक्षण करेंगे।
एमएनजीएल को बलि का बकरा बनाने का आरोप
शिवसेना (उबाठा) के गुटनेता केशव पोरजे ने महापौर और महानगरपालिका प्रशासन पर सीधे निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग और “दोषियों पर कार्रवाई करें, नहीं तो कुर्सियां खाली करें” की चेतावनी दिए जाने के बावजूद महापौर ने किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की।
पोरजे ने आरोप लगाया कि खड्डों के कारण नागरिकों की जान जा रही है, लेकिन एमएनजीएल को बलि का बकरा बनाया जा रहा है। उन्होंने महानगरपालिका आयुक्त और महापौर पर मुख्यमंत्री को गुमराह करने का भी गंभीर आरोप लगाया।
17 अगस्त को महानगरपालिका पर निकलेगा मोर्चा
पोरजे ने घोषणा की कि संजय राऊत के आदेश पर 17 अगस्त को नाशिक में भव्य मोर्चा निकाला जाएगा। यह मोर्चा सुबह 11 बजे शालिमार स्थित शिवसेना कार्यालय से शुरू होगा और महानगरपालिका तक पहुंचेगा। इसके बाद महानगरपालिका परिसर में जनसभा आयोजित की जाएगी।
13 अगस्त को नाशिक का दौरा करेंगे आदित्य ठाकरे
पोरजे ने बताया कि आदित्य ठाकरे से “नाशिक की सड़कों की स्थिति देखने के लिए एक बार नाशिक आइए” ऐसी अपील की गई थी। इसके बाद उन्होंने 13 अगस्त को नाशिक आने का कार्यक्रम तय किया। आदित्य ठाकरे खड्डों के कारण जिन स्थानों पर नागरिकों की मौत हुई, वहां भी जाएंगे।
छह महीने में ही ‘महापौर हटाओ’ की मांग, सत्ताधारियों पर भी निशाना
केशव पोरजे ने दावा किया कि नाशिक महानगरपालिका के सत्ताधारियों के बीच ही महापौर को हटाने की मांग उठ रही है। उन्होंने सत्ताधारियों की कार्यक्षमता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि वे कुंभ मेले को सफलतापूर्वक आयोजित नहीं कर सकते और काम नहीं हो रहा है, तो केवल छह महीने में महापौर हटाने की मांग उठना सत्ताधारियों की विफलता है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष ऐसी मांग करे तो एक बार समझा जा सकता है, लेकिन यदि सत्ताधारी ही महापौर को हटाने की मांग कर रहे हैं, तो इससे स्थिति की गंभीरता स्पष्ट होती है।
खड्डों, सड़कों की बदहाली और कुंभ मेले के कार्यों को लेकर शिवसेना (उबाठा) अब सीधे सड़क पर उतरने की तैयारी में है। आदित्य ठाकरे के 13 अगस्त के दौरे और 17 अगस्त के प्रस्तावित मोर्चे के चलते नाशिक में यह मुद्दा राजनीतिक रूप से और अधिक गरमाने के संकेत हैं।

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