नाशिक महानगरपालिका ने मराठी माध्यम की शालाओं को आर्थिक मजबूती देने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। महापालिका क्षेत्र की निजी अनुदानित मराठी माध्यम की शालाओं को संपत्ति कर (घरपट्टी) से शत-प्रतिशत छूट देने का प्रस्ताव महासभा में मंजूर कर दिया गया है। इसकी जानकारी महापौर हिमागौरी आडके ने पत्रकार परिषद में दी।

नाशिक शहर में अंग्रेजी माध्यम की शालाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, ऐसे में मराठी माध्यम की शालाओं पर बढ़ रहे आर्थिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को कम शुल्क में शिक्षा उपलब्ध कराने वाली मराठी शालाओं को इस फैसले से राहत मिलेगी।

मराठी अनुदानित शालाओं की ओर से ॲड. मनोज पिंपळे, पंकज पवार और नीलेश ठाकरू ने महापौर हिमगौरी आहेर-आडके, उपमहापौर विलास शिंदे और महापालिका आयुक्त मनीषा खत्री के समक्ष संपत्ति कर से छूट देने की मांग रखी थी। सार्वजनिक धर्मादाय उद्देश्य के लिए उपयोग की जाने वाली इमारतों को महासभा की मंजूरी से संपत्ति कर में छूट देने का अधिकार महापालिका को है। इसी आधार पर यह प्रस्ताव महासभा के समक्ष रखा गया, जिसे मंजूरी दे दी गई।

इस निर्णय के अनुसार नाशिक की शासनमान्यताप्राप्त और शत-प्रतिशत अनुदानित निजी प्राथमिक, माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक मराठी माध्यम की शालाओं की इमारतों को संपत्ति कर से पूर्ण छूट मिलेगी। इस फैसले का मराठी प्रेमियों, शिक्षा संस्थाओं और अभिभावकों की ओर से स्वागत किया जा रहा है।

नाशिक महानगरपालिका के इस निर्णय का महाराष्ट्र की अन्य महानगरपालिकाओं द्वारा भी अनुकरण किए जाने पर मराठी शालाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है। यह फैसला मराठी माध्यम की अनुदानित शालाओं के लिए आर्थिक राहत की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Pratahkal Newsroom

Pratahkal Newsroom

प्रातःकाल न्यूज़-रूम, प्रातःकाल न्यूज़ की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, समयबद्ध और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा न्यूज़-रूम राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।

Next Story