तुकाराम मुंढे के बाद अब मंत्री नरहरी झिरवाल उतरे मैदान में: नासिक के दूध बाजार में छापेमारी
अन्न एवं औषधि प्रशासन की सख्ती के बाद क्या नासिक के दूध बाजार में हुई छापेमारी महज एक दिखावा थी? मंत्री नरहरी झिरवाल के औचक निरीक्षण के दौरान दूध में मिलावट नहीं मिली, लेकिन स्थानीय लोगों ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अन्न एवं औषधि मंत्री नरहरी झिरवाल नासिक के दूध बाजार में दुकानदारों द्वारा उपलब्ध कराए गए दूध के नमूनों की जांच करते हुए।
अन्न एवं औषधि प्रशासन (FDA) में तुकाराम मुंढे के कार्यभार संभालने के बाद राज्य भर में मिलावटखोरों के खिलाफ शुरू हुई सख्त कार्रवाई के बीच, अब स्वयं अन्न एवं औषधि मंत्री नरहरी झिरवाल ने भी मोर्चा संभाल लिया है। इसी क्रम में शुक्रवार सुबह मंत्री झिरवाल ने नासिक के दूध बाजार क्षेत्र में औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यह कदम प्रशासन की सख्ती और सतर्कता को दर्शाने के एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
शुक्रवार सुबह करीब 6:30 बजे मंत्री नरहरी झिरवाल अपने साथ आवश्यक जांच उपकरण और विभागीय अधिकारियों का एक बड़ा दल लेकर नासिक के दूध बाजार पहुंचे। मंत्री के अचानक आगमन से इलाके में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में कुछ दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर लीं। मंत्री ने स्वयं वहां मौजूद दूध विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों और डेयरी केंद्रों पर जाकर दूध के नमूने लिए और उनकी मौके पर ही प्राथमिक जांच करवाई। हालांकि, इस औचक निरीक्षण के दौरान दूध में किसी भी प्रकार की मिलावट या संदिग्ध पदार्थ नहीं पाया गया।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय स्तर पर मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। जहां एक ओर मंत्री के इस सक्रिय रुख का स्वागत किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों ने इसे केवल एक औपचारिक कवायद करार दिया है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि जिस क्षेत्र में मंत्री ने दूध की जांच की, उसी के आसपास खुलेआम गुटखा और तंबाकू उत्पादों की अवैध बिक्री धड़ल्ले से जारी है। लोगों ने सवाल उठाया है कि आखिर इन प्रतिबंधित पदार्थों के खिलाफ प्रशासन मौन क्यों है और वहां कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
नागरिकों का मानना है कि केवल दूध के नमूनों की जांच ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को हर स्तर पर निरंतर और व्यापक स्तर पर छापेमारी की आवश्यकता है। यह घटना दर्शाती है कि प्रशासन की सक्रियता के बावजूद जनता की उम्मीदें व्यापक हैं और वे क्षेत्र में पूर्णतः भ्रष्टाचार मुक्त एवं सुरक्षित व्यापारिक वातावरण की अपेक्षा रखते हैं।

Pratahkal Hub
प्रातःकाल हब, दै.प्रातःकाल की वह समर्पित संपादकीय टीम है, जो सटीक, सामयिक और निष्पक्ष समाचार पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा प्रातःकाल हब राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय मामलों में सत्यापित रिपोर्टिंग, गहन विश्लेषण और जिम्मेदार पत्रकारिता पर अपना ध्यान केंद्रित करता है।"
