नाशिक में भारी बारिश ने मिलिंद नगर में मचाई तबाही, 20 से 25 घरों में घुसा नंदिनी नदी का पानी। नागरिकों ने कुंभ मेला विकास कार्यों की खामियों को बताया तबाही का कारण, उपमहापौर ने जांच और कार्रवाई की मांग की। क्या प्रशासन समय रहते जागेगा?

नाशिक में मौसम विभाग द्वारा मंगलवार को दी गई बादल फटने जैसी बारिश की चेतावनी के बाद बुधवार तड़के मुसलाधार बारिश ने हाहाकार मचा दिया। इस भारी बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में जलजमाव हो गया और कई घरों में पानी घुस जाने से नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बारिश की सबसे बड़ी मार शहर के मध्यवर्ती मिलिंद नगर इलाके को झेलनी पड़ी, जहाँ लगभग 20 से 25 घरों में पानी घुसने से नागरिकों की लाखों रुपये की संपत्ति बर्बाद होने का दावा किया गया है।

मिलिंद नगर के पास से बहने वाली नंदिनी नदी रात भर हुई मूसलाधार बारिश के चलते उफान पर आ गई और किनारों से बाहर बहने लगी, जिसके चलते नदी किनारे बसी बस्तियों में पानी भर गया। कई घरों में कमर तक पानी जमा होने से फर्नीचर, अनाज, कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दैनिक उपयोग की अन्य सामग्रियां पूरी तरह भीगकर खराब हो गईं।

इस प्राकृतिक आपदा में शौर्य का परिवार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। छह सदस्यों वाले इस परिवार में दो छोटे बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें आधी रात के समय अचानक घरों में घुसे पानी के बीच अपनी जान बचाकर बाहर निकलना पड़ा। परिवार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे आगे कहां रहें, क्योंकि घर का अधिकांश सामान पूरी तरह नष्ट हो चुका है।

मिलिंद नगर के अन्य निवासियों ने भी इसी तरह के संकट का सामना किया है। स्थानीय नागरिकों का सीधा आरोप है कि कुंभ मेले के मद्देनजर शहर में जारी विकास कार्यों के चलते वर्षा जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह बाधित हो गई है, जिसके कारण बारिश का पानी सीधे उनके घरों में घुस आया। नुकसान झेलने वाले इन परिवारों ने प्रशासन से तत्काल पंचनामा करने और उचित मुआवजा देने की मांग की है।

इस पूरे मामले पर उपमहापौर विलास शिंदे ने प्रशासन की सुस्ती और घोर लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों को हुआ यह नुकसान केवल प्राकृतिक नहीं है, बल्कि यह नियोजित कार्यों में बरती गई भारी खामियों का परिणाम है। शिंदे ने संबंधित ठेकेदारों और अधिकारियों के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच कर उन पर कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। कुंभ मेले के नाम पर शहर में चल रहे व्यापक विकास कार्यों का खामियाजा सामान्य नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है, जिसे लेकर स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। अब प्रशासन से मांग की जा रही है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए बारिश के पानी की निकासी को सुचारू बनाने हेतु तत्काल ठोस उपाय किए जाएं।

Pratahkal Newsroom

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