आयुक्त मनीषा खत्री का खुला चैलेंज, “काम में एक गलती निकालकर दिखाओ, आय विल चेंज माय नेम”
नासिक में कुंभ मेले से पहले 35 हजार करोड़ रुपये के विकास कार्यों की गुणवत्ता पर सवालों के बीच आयुक्त मनीषा खत्री ने खुला चैलेंज दिया है। सड़कों की चार चरणों में जांच होगी और आईआईटी बॉम्बे गुणवत्ता जांचेगा।

तस्वीर में नासिक महानगरपालिका आयुक्त मनीषा खत्री अपने कार्यालय में डेस्क पर बैठी हुई दिखाई दे रही हैं।
नासिक। कुंभ मेले की तैयारियों के बीच नासिक शहर में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता को लेकर नागरिकों की नाराजगी और सोशल मीडिया पर बन रही रीलों के बीच नासिक महानगरपालिका आयुक्त मनीषा खत्री ने खुली चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि काम में एक गलती निकालकर दिखा दी जाए तो वह अपना नाम बदल देंगी। सोमवार को गडकरी चौक से त्र्यंबक नाका तक सड़क का काम शुरू किया गया। इस दौरान आयुक्त ने काम का निरीक्षण किया और प्रसार माध्यमों से बातचीत करते हुए यह चुनौती दी।
नासिक शहर में कुंभ मेले की पृष्ठभूमि में करीब 35 हजार करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्य शुरू हैं। इन कार्यों के कारण यातायात बाधित होने, सड़कों की बदहाली और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ने की शिकायतें सामने आ रही हैं। कुछ दुर्घटनाओं में सात लोगों की मौत भी हुई है। इसके बाद कई स्थानों पर विकास कार्यों की गुणवत्ता, सुरक्षा और नियोजन को लेकर नागरिक गंभीर सवाल उठा रहे हैं। इन कामों की सोशल मीडिया पर भी लगातार चर्चा हो रही है और नागरिकों की नाराजगी से संबंधित रीलें बनाई जा रही हैं।
कुंभ मेले का ध्वजारोहण 31 अक्टूबर को होना है। इससे पहले शहर में चल रहे काम पूरे होने की अपेक्षा है। इसी वजह से नासिक महानगरपालिका आयुक्त मनीषा खत्री खुद सड़क पर उतरकर विकास कार्यों का निरीक्षण कर रही हैं। शहर में जारी कामों की स्थिति के साथ उनकी गुणवत्ता भी जांची जा रही है। आयुक्त ने कहा है कि काम में कहीं भी लापरवाही पाई गई तो ठेकेदार के काम की राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा। उन्होंने प्रसार माध्यमों से कहा कि काम पर कड़ी नजर रखी जा रही है और निर्धारित समय में काम पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
कुंभ मेले की पृष्ठभूमि में नासिक शहर और रिंग रोड तैयार किए जा रहे हैं। शहर की सड़कों को अब कंक्रीटीकरण के जरिए तैयार किया जा रहा है। सड़कों की गुणवत्ता पर सवाल उठने के बाद इनकी चार चरणों में जांच की जा रही है। इसमें आईआईटी बॉम्बे को भी शामिल किया गया है। नासिक महानगरपालिका, सिविल इंजीनियर और आईआईटी बॉम्बे सड़क की जांच करेंगे। प्रत्येक स्थान पर जाकर नमूने एकत्र किए जाएंगे और उनकी जांच की जाएगी। वहीं, आईआईटी बॉम्बे अपनी प्रयोगशाला में गुणवत्ता की जांच करेगा।
अब आयुक्त मनीषा खत्री की ओर से दिए गए इस खुले चैलेंज पर नागरिकों की प्रतिक्रिया और विकास कार्यों से संबंधित शिकायतों पर महानगरपालिका प्रशासन की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर सभी की नजर है।

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