कोल्हापुर : विजय मोरबाळे

डॉ. नरेंद्र दाभोळकर ने समाज में वैज्ञानिक और विवेकवादी विचारों को स्थापित करने के लिए अथक प्रयास किए। अंधविश्वास और पाखंड को दूर करने के लिए उन्होंने जीवनभर संघर्ष किया। मानव संस्कृति का विकास बुद्धि के विकास से जुड़ा है और दाभोळकर का कार्य समाज को वैज्ञानिक दृष्टिकोण देने वाला था, यह प्रतिपादन सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे ने किया।

सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय की विवेक वाहिनी और इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में डॉ. नरेंद्र दाभोळकर के स्मृति दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम की शुरुआत गणमान्य व्यक्तियों द्वारा डॉ. दाभोळकर की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर अभिवादन के साथ हुई।

प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे ने कहा कि डॉ. नरेंद्र दाभोळकर ने वैज्ञानिक और विवेकवादी विचारों को समाज में स्थापित करने के लिए अथक प्रयास किए। समाज में व्याप्त अंधविश्वास और पाखंड को दूर करने के लिए उन्होंने जीवनभर संघर्ष खड़ा किया। उन्होंने कहा कि मानव संस्कृति का विकास बुद्धि के विकास से जुड़ा हुआ है और दाभोळकर का कार्य समाज को वैज्ञानिक दृष्टिकोण देने वाला था।

कार्यक्रम का स्वागत एवं प्रास्ताविक इतिहास विभागाध्यक्ष प्रा. डॉ. पी. आर. फराकटे ने किया। संचालन प्रा. रितेश रायकर ने किया, जबकि आभार प्रा. राम पाटील ने व्यक्त किया।

इस अवसर पर प्रा. दादासाहेब सरदेसाई, प्रा. सौ. माणिक पाटील, प्रा. दीपक साळुंखे, प्रा. एच. एम. सोहनी, प्रा. धनाजी खतकर, प्रा. संजय हेरवाडे, प्रा. संदीप मोहिते, प्रा. स्वप्नील मेंडके, प्रा. पाडळकर, दयानंद कांबळे, प्रा. मनीषा पाटील, सौ. कौलकर, प्रा. सौ. अर्चना कांबळे और प्रा. सौ. हुकेरीकर सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, प्रशासनिक कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित थे।

फोटो : सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय में डॉ. नरेंद्र दाभोळकर के स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में उनकी प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर अभिवादन करते हुए प्राचार्य डॉ. शिवाजी होडगे एवं गणमान्य व्यक्ति।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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