नांदाफाटा। शिक्षा की अलख जगाने वाली देश की प्रथम महिला शिक्षिका क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले की जयंती नांदा स्थित श्री प्रभु रामचंद्र विद्यालय एवं कनिष्ठ महाविद्यालय में बड़े ही हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुई। नारी शक्ति के स्वाभिमान और संघर्ष को समर्पित इस समारोह में न केवल सावित्रीबाई फुले के आदर्शों को याद किया गया, बल्कि वेशभूषा और भाषण प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यालय के प्रांगण में महिला सशक्तिकरण का एक अनूठा दृश्य जीवंत हो उठा। कार्यक्रम की शुरुआत सावित्रीबाई फुले की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई, जहाँ विद्यालय के प्राचार्य अनिल मुसळे सहित विद्यालय की समस्त महिला शिक्षिकाओं और कर्मचारी वृंद ने दीप प्रज्वलन कर शिक्षा की देवी को नमन किया।

इस विशेष अवसर पर विद्यालय द्वारा छात्र-छात्राओं के लिए सावित्रीबाई फुले के जीवन पर आधारित वेशभूषा, प्रसंग वर्णन और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने सावित्रीबाई फुले के ऐतिहासिक स्वरूप को धारण कर उनके जीवन के कठिन संघर्षों और सामाजिक बदलाव के संदेश को मंच पर प्रस्तुत किया। उपस्थित अतिथियों ने अपने संबोधन में वर्तमान युग में महिलाओं की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज की स्त्रियाँ पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र में अपनी प्रवीणता सिद्ध कर रही हैं, और इसका श्रेय सावित्रीबाई फुले द्वारा बोए गए शिक्षा के बीज को जाता है।

प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले और सावित्रीबाई फुले की वेशभूषा में सजे सभी प्रतिभागियों को उनकी प्रतिभा और साहस के लिए पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन छात्र यश दाभेकर और रिया उइके ने अपनी ओजस्वी वाणी में किया, जबकि समारोह के अंत में खुशी मानापुरे ने उपस्थित सभी अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने के लिए विद्यालय के समस्त शिक्षक, शिक्षकेत्तर कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने अथक परिश्रम किया, जिससे यह जयंती समारोह केवल एक कार्यक्रम न रहकर प्रेरणा का एक पुंज बन गया।

Manoj Gore (Chandrapur)

Manoj Gore (Chandrapur)

नाम: मनोज रामकृष्ण गोरे

वर्तमान पद: रिपोर्टर (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: चंद्रपुर जिला (महाराष्ट्र)

बीट (मुख्य विषय): प्रशासन

परिचय

मनोज रामकृष्ण गोरे महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र के रिपोर्टर हैं। वह मुख्य रूप से चंद्रपुर जिले के प्रशासनिक विभागों की कार्यप्रणाली, सरकारी योजनाओं, जनसुनवाई, विकास कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

मनोज रामकृष्ण गोरे को मीडिया क्षेत्र में ग्राउंड रिपोर्टिंग और समाचार संकलन का 5 वर्ष का अनुभव है। वह पिछले पांच सालों से चंद्रपुर जिले के स्थानीय और प्रशासनिक मुद्दों को नियमित रूप से रिपोर्ट कर रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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