कोरपना तहसील की प्रमुख ग्राम पंचायतों में शामिल नांदा में करीब 35 वर्षों बाद नई नाली निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया गया है। अल्ट्राटेक की सी.एस.आर निधि के सहयोग से नांदाफाटा चौराहे से बाजार के मुख्य मार्ग पर गायकवाड़ के घर तक नई नाली का निर्माण किया जाना है। ग्राम पंचायत प्रशासन की ओर से बाजार परिसर के मुख्य मार्ग पर स्थित दुकानदारों को अपनी दुकानों के सामने बने शेड हटाने के लिए 18 जुलाई तक नोटिस जारी किए गए थे, जिसके बाद अधिकतर दुकानदारों ने स्वयंस्फूर्ति से अपने शेड हटा लिए हैं।

ग्राम पंचायत के इस निर्णय से स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों में लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होने की उम्मीद जगी है। हालांकि, बरसात के मौसम में नाली निर्माण कार्य शुरू करने के फैसले को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि बारिश के दौरान निर्माण कार्य शुरू होने से दुकानदारों, ग्राहकों और आम नागरिकों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

गौरतलब है कि करीब 35 वर्ष पहले इस मार्ग पर स्थानीय व्यापारियों ने स्वयं चंदा एकत्र कर अपने खर्च से केवल एक फुट चौड़ी ईंटों की छोटी नाली का निर्माण कराया था। इसके बाद से लगातार नाली के पुनर्निर्माण और चौड़ीकरण की मांग उठती रही, लेकिन ग्राम पंचायत प्रशासन की ओर से इस दिशा में कोई गंभीर पहल नहीं की गई। नई नाली निर्माण तो दूर, वर्षों तक पुरानी नाली की नियमित और प्रभावी सफाई भी नहीं हो सकी, जिसके कारण बारिश के दिनों में जलभराव की समस्या बनी रही।

हाल ही में 15 दिन पूर्व हुई बारिश के दौरान प्रतिष्ठित व्यवसायी सुधीर गुंडावार एवं गिरीश बोगावार के घरों में पानी घुसने की घटना सामने आई थी। इस मामले में समाचार प्रकाशित होने के बाद ग्राम पंचायत प्रशासन सक्रिय हुआ और नई नाली निर्माण का निर्णय लिया गया। स्थानीय नागरिकों ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे लंबे समय से लंबित मांग पूरी होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

वहीं, स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि यदि बरसात के मौसम में निर्माण कार्य शुरू किया जाता है तो व्यापार और यातायात दोनों प्रभावित होंगे। उन्होंने ग्राम पंचायत प्रशासन से निर्माण कार्य की उचित योजना तैयार कर वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित करने और कम से कम समय में गुणवत्तापूर्ण तरीके से नाली निर्माण पूरा करने की मांग की है। शेड हटाए जाने के पांच दिन बाद भी अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है, जिससे लोगों में जल्द कार्य शुरू होने की प्रतीक्षा बनी हुई है।

Manoj Gore (Chandrapur)

Manoj Gore (Chandrapur)

नाम: मनोज रामकृष्ण गोरे

वर्तमान पद: रिपोर्टर (प्रातःकाल)

कार्यक्षेत्र: चंद्रपुर जिला (महाराष्ट्र)

बीट (मुख्य विषय): प्रशासन

परिचय

मनोज रामकृष्ण गोरे महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले से 'प्रातःकाल' समाचार पत्र के रिपोर्टर हैं। वह मुख्य रूप से चंद्रपुर जिले के प्रशासनिक विभागों की कार्यप्रणाली, सरकारी योजनाओं, जनसुनवाई, विकास कार्यों और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं।

पत्रकारिता का अनुभव 

मनोज रामकृष्ण गोरे को मीडिया क्षेत्र में ग्राउंड रिपोर्टिंग और समाचार संकलन का 5 वर्ष का अनुभव है। वह पिछले पांच सालों से चंद्रपुर जिले के स्थानीय और प्रशासनिक मुद्दों को नियमित रूप से रिपोर्ट कर रहे हैं।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

उन्होंने कला स्नातक (B.A.) की डिग्री हासिल की है।

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