कोल्हापुर : विजय मोरबाळे

नगर परिषद और नगर पंचायतों के प्रशासनिक एवं वित्तीय कामकाज में नमुना क्रमांक 64 से संबंधित प्रविष्टियों और दस्तावेजों पर लोकनियुक्त नगराध्यक्ष की स्वाक्षरी लेने की पूर्व व्यवस्था फिर से लागू करने की मांग की गई है। मुरगूड नगर परिषद की लोकनियुक्त नगराध्यक्षा सुहासिनीदेवी प्रवीणसिंह पाटील ने मुख्यमंत्री को दिए निवेदन में यह मांग की है। यह निवेदन राज्य के लोकनियुक्त नगराध्यक्षों की ओर से प्रस्तुत किया गया है।

नगर परिषदों के प्रशासनिक कामकाज में नमुना क्रमांक 64 को महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जाता है। वर्ष 2013 में अधिसूचित लेखा संहिता के अनुसार नगर पालिका के बिलों या खर्च की अंतिम मंजूरी के लिए नमुना क्रमांक 64 पर मुख्याधिकारी के साथ नगराध्यक्ष की संयुक्त स्वाक्षरी लेने की व्यवस्था थी। हालांकि, इस कार्यप्रणाली में बदलाव किए जाने के बाद लोकनियुक्त नगराध्यक्षों के अधिकार, भूमिका और जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

निवेदन में कहा गया है कि नगराध्यक्ष जनता द्वारा निर्वाचित लोकप्रतिनिधि होते हैं। ऐसे में नगर पालिका के प्रशासनिक, वित्तीय और विकासात्मक कामकाज में उनका प्रभावी सहभाग आवश्यक है। पहले विकास कार्यों के बिल और अन्य खर्चों के भुगतान से पहले नमुना क्रमांक 64 पर नगराध्यक्ष की स्वाक्षरी आवश्यक होती थी। इससे नगर पालिका की तिजोरी से होने वाले खर्च की प्रक्रिया में लोकप्रतिनिधियों की प्रत्यक्ष भागीदारी रहती थी। निवेदन में दावा किया गया है कि इससे पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को बढ़ावा मिलता था।

नमुना क्रमांक 64 पर स्वाक्षरी की व्यवस्था नहीं होने की स्थिति में लोकनियुक्त नगराध्यक्ष के पद की भूमिका और जिम्मेदारी आखिर किस प्रकार रहेगी, यह सवाल भी निवेदन में उठाया गया है। सुहासिनीदेवी पाटील ने कहा है कि नगराध्यक्षों को केवल पद धारण करने तक सीमित न रखते हुए नगर पालिका के कामकाज में प्रभावी सहभागिता का अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए उनके अधिकार और जिम्मेदारियां स्पष्ट करना आवश्यक है।

निवेदन में मांग की गई है कि नमुना क्रमांक 64 से संबंधित प्रविष्टियों और दस्तावेजों पर लोकनियुक्त नगराध्यक्ष की स्वाक्षरी लेने की व्यवस्था दोबारा लागू की जाए। इसके साथ ही राज्य की सभी नगर परिषदों और नगर पंचायतों के लिए स्वाक्षरी को लेकर स्पष्ट और एक समान कार्यप्रणाली निर्धारित की जाए।

इसके अलावा नगराध्यक्ष की स्वाक्षरी के अधिकार, भूमिका और जिम्मेदारी के संबंध में शासन की ओर से स्पष्ट निर्देश या परिपत्र जारी करने की मांग की गई है। प्रशासनिक और वित्तीय कामकाज में लोकनियुक्त नगराध्यक्षों की प्रभावी सहभागिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित करने के साथ आवश्यक कानूनी और प्रशासनिक प्रावधान कर इस कार्यप्रणाली को कड़ाई से लागू करने की मांग भी निवेदन में की गई है।

स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं में लोकप्रतिनिधियों की भूमिका को अधिक सक्षम, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से शासन इस मांग पर सकारात्मक विचार कर तत्काल उचित कार्रवाई करे, ऐसी अपेक्षा सुहासिनीदेवी पाटील ने व्यक्त की है।


Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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