कोल्हापुर जिले के मुरगूड में सामाजिक चेतना का एक अनुकरणीय उदाहरण देखने को मिला, जहाँ युवाओं के एक समूह ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए वेदगंगा नदी घाट और उसके आसपास के क्षेत्रों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया। बीते रविवार को आयोजित इस श्रमदान में युवाओं ने घंटों कड़ी मशक्कत कर घाट को गंदगी के ढेर से मुक्त कराया। यह पहल न केवल स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए एक ठोस कदम है, बल्कि सामुदायिक जिम्मेदारी का भी एक सशक्त संदेश देती है।

इस स्वच्छता अभियान के दौरान नदीपात्र और उसके निकटवर्ती ओढ़ा क्षेत्र से भारी मात्रा में अनुपयोगी वस्तुएं बरामद की गईं। युवाओं ने क्षेत्र से 500 से अधिक शराब की खाली बोतलें, 200 से अधिक शीतल पेय की प्लास्टिक बोतलें और प्लास्टिक कचरे का एक बड़ा जखीरा एकत्र किया, जो कि एक पूरी ट्रॉली भरने के लिए पर्याप्त था। सफाई के दौरान युवाओं को नदी के तट पर पिछले गणेशोत्सव के समय विसर्जित की गई गणेश और गौरी की प्रतिमाएं भी मिलीं, जो वहां उपेक्षित अवस्था में पड़ी थीं। अपनी धार्मिक और सामाजिक संवेदनशीलता का परिचय देते हुए इन युवाओं ने पूरी विधि-विधान के साथ इन प्रतिमाओं का पुनः विसर्जन किया, ताकि उनकी गरिमा बनी रहे।

इस सराहनीय कार्य में शिवभक्त सामाजिक कार्यकर्ता सर्जेराव भाट, ओंकार पोतदार, तानाजी भराडे, संकेत शहा, प्रफुल्ल कांबळे, गणेश भाट और वेदांत मंडलिक समेत अन्य युवाओं ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इससे पूर्व, यह समूह शहर के तालाबों की सफाई का कार्य भी सफलतापूर्वक संपन्न कर चुका है। अभियान के अंत में, इन युवाओं ने आम नागरिकों से पुरजोर अपील की कि वे सार्वजनिक स्थलों, विशेषकर जलाशयों के समीप कचरा, प्लास्टिक या शराब की बोतलें न फेंकें। इस स्वच्छता अभियान ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि नागरिक अपनी सार्वजनिक संपत्तियों के प्रति जागरूक हो जाएं, तो पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य को प्राप्त करना कठिन नहीं है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणास्रोत बनी है, जो यह दर्शाती है कि छोटे-छोटे प्रयास भी प्रकृति के कायाकल्प में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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